इस राज्य में एक अक्टूबर से नहीं मिलेगा पेट्रोल डीजल, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग
Mahendra india news, new delhi
दिल्ली-NCR लंबे समय से खराब हवा की गुणवत्ता से जूझ रहा है, और पुरानी गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को इसका एक बड़ा कारण माना जाता रहा है. सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी पहले भी कई बार पुरानी गाड़ियों पर पाबंदी को लेकर सख्त आदेश दे चुके हैं. हरियाणा सरकार का कहना है कि फ्यूल स्टेशन पर ही ऐसी गाड़ियों की पहचान कर लेने से सड़कों पर उनकी मौजूदगी अपने आप कम हो जाएगी, क्योंकि बिना फ्यूल के यह गाड़ियां लंबे समय तक चल ही नहीं पाएंगी
हरियाणा में 1 अक्टूबर 2026 से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नए कड़े आदेशों के मुताबिक, अब हर गाड़ी को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग CAQM के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हरियाणा सरकार राज्य के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र NCR में आने वाले प्रमुख जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर में एक बेहद सख्त नियम लागू करने जा रही है.
इस नए नियम के तहत, अगर आपकी गाड़ी पर्यावरण मानकों को पूरा नहीं करती या वह अपनी तय उम्र पूरी कर चुकी है, तो 1 अक्टूबर से आपको पेट्रोल पंप पर एक लीटर ईंधन भी नहीं दिया जाएगा. हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने इस नियम को लागू करने के लिए जरूरी तकनीकी इंतजामों को भी मंजूरी दे दी है, जिसके बाद यह साफ हो गया है कि अब पुरानी गाड़ियां चलाने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं.
यह नियम खासतौर पर उन गाड़ियों पर लागू होगा, जो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट के पहले से तय मानकों के हिसाब से अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं. आमतौर पर 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियां और 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियां इस श्रेणी में आती हैं. एक अक्टूबर के बाद ऐसी गाड़ियों को एनसीआर इलाके के किसी भी पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं दिया जाएगा, चाहे वह गाड़ी चालू हालत में हो या नहीं