सीडीएलयू हर्बल पार्क में करवाया 100 कुंडीय हवन यज्ञ
mahendra india news, new delhi
डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल, बरनाला रोड पुलिस लाइन सिरसा द्वारा आर्यरत्न पूनम सूरी और योगी सूरी के निर्देशन में आर्य युवा समाज के सहयोग से चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा स्थित हर्बल पार्क में 100 कुंडीय हवन यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों के संवर्धन तथा नशा-मुक्त भारत के संकल्प को सुदृढ़ करना रहा।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र सिंह दहिया के कुशल मार्गदर्शन में आयोजन अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मुख्यातिथि एसआई प्रीति दुहन (एसपी कार्यालय, सिरसा) ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों व अभिभावकों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ्र, संस्कारित एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय की आवश्यकता बताते हुए विद्यालय एवं आयोजकों की सराहना की। कार्यक्रम में अल्का (सिटी थाना, सिरसा), प्रो. डा. अशोक शर्मा (पूर्व रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा), किरण भल्ला (सहायक कुलसचिव सीडीएलयू, सिरसा) व महिला पतंजलि योग समिति हरियाणा की राज्य कार्यकारिणी सदस्या, बजरंग लाल (सहायक कुलसचिव सीडीएलयू, सिरसा), तरुण भाटी (राष्ट्रीय संयोजक-बेटा बचाओ अभियान),
नरेंद्र बैनीवाल (सेवानिवृत्त हॉर्टीकल्चर ऑफिसर), श्रीनिवास (नगराध्यक्ष संस्कृतभारती), रविंद्र सैनी (अध्यक्ष बाबा सरसाई नाथ सेवा ट्रस्ट), सुरेन्द्र हांडा, रजत, महेंद्र बैनीवाल, प्रो. दयानंद शर्मा (संरक्षक, जय मां सरस्वती सेवा समिति), करण कंबोज (एयू बंैक), सुशील (एयू बैंक), संदीप लाडवा, आदित्य सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में 100 विद्यार्थियों, विद्यालय के शिक्षकगण, सहायक कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में अभिभावकों ने बढ़-चढक़र भाग लिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत भजन एवं नशा-मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया और समाज को सशक्त संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य नरेंद्र सिंह दहिया ने सभी अतिथियों, अभिभावकों, आयोजकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन एवं सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अन्त में तरुण भाटी और रविन्द्र सैनी ने नशा न करने का संकल्प दिलवाया।