सीडीएलयू में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129 वीं जयंती (पराक्रम दिवस) मनाई गई
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहे हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक ऐसे प्रकाश स्तंभ हैं, जो पीढ़ी दर पीढ़ी युवाओं को राष्ट्र सेवा का मार्ग दिखाते रहेंगे। ये विचार प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं सेवानिवृत्त प्रोफेसर सीता राम व्यास द्वारा चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) के उपलक्ष्य में युवा कल्याण निदेशालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए गए।
विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित एक प्रेरणादायी कार्यक्रम में प्रो. सीता राम व्यास ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129 वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक ऐसे प्रकाश स्तंभ (लाइट हाउस) हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर मार्गदर्शन देते रहेंगे। उन्होंने नेताजी के जीवन का विस्तृत परिचय देते हुए उनके संघर्ष, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को रेखांकित किया।
प्रो. व्यास ने नेताजी के जीवन से जुड़े अनेक संस्मरण साझा किए, जिनमें उनके विद्यालय जीवन के अनुभव भी शामिल रहे। उन्होंने कहा कि नेताजी का संपूर्ण जीवन समाज और देश के लिए समर्पित रहा। उन्होंने आध्यात्मिक शिक्षा ग्रहण की तथा स्वामी विवेकानंद सहित महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेकर सेवा-भाव विकसित किया। महान नेताओं के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने बताया कि नेताजी ने अंग्रेजों के अत्याचारों का डटकर विरोध किया और स्वदेश एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि माना। आईसीएस की परीक्षा उत्तीर्ण कर उन्होंने भारत का नाम रोशन किया, किन्तु उच्च पद की नौकरी स्वीकार न कर देश सेवा को अपना जीवन लक्ष्य बनाया। नेताजी ने युवाओं को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण, त्याग और समर्पण के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन साहस, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नेताजी के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। ऐसे कार्यक्रम युवाओं में आत्मविश्वास, देशभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने कहा की युवा देश को स्वदेशी, स्वावलम्बी के विचारों को आत्मसात करके राष्ट्र को प्रबल बनाने में अपना योगदान सुनिश्चित कर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
इससे पूर्व युवा कल्याण निदेशक डॉ. मंजू नेहरा ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए उनका विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय द्वारा 12 जनवरी 2026 से 23 जनवरी 2026 तक युवा महोत्सव के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस महोत्सव का समापन नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) के साथ किया जा रहा है।
इस अवसर पर धन्यवाद कल्चरल कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर रणजीत कौर द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. भूमिका द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। कार्यक्रम में महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय से प्रोफेसर आनन्द मलिक, विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. सुशील कुमार, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. राजकुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजकुमार, डीन यू एस जी एस प्रोफेसर काशिफ किदवई , विभिन्न विभागों के डीन, डायरेक्टर, चेयरपर्सन, प्राध्यापक, गेर शिक्षक अधिकारी व कर्मचारी सहित विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के नोडल ऑफिसर इलेक्शन डॉ रविंद्र ने सभी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी हरियाणा के निर्देशानुसार अपने मत के प्रयोग की शपथ भी दिलवाई।