SIRSA शहर में स्टॉर्म वाटर के लिए खोदी गई 33 सड़कों का 24.53 करोड़ से होगा कायाकल्प
सिरसा शहर के लोगों को धूल, गड्डों से शीघ्र राहत मिलने वाली है। शहर में पिछले करीब 3 साल से स्टॉर्म वाटर ड्रेन योजना (जल निकासी प्रणाली) के तहत लाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई थी। गड्डों व धूल से राहगीरों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। शहरवासियों को समस्या से निजात दिलाने के लिए पूर्व मंत्री गोपाल कांडा ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। पूर्व मंत्री गोपाल कांडा की मांग को मुख्यमंत्री घोषणा के तहत शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात के दौरान गोपाल कांडा ने सिरसा में स्टॉर्म वाटर प्रोजेक्ट के कारण आ रही दिक्कत को प्रमुखता से उठाया। खोदी गई सड़कों के पुनर्निर्माण की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने मांग को स्वीकार करते हुए शहर की 33 सड़कों के निर्माण के लिए 24 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि से सड़कों के निर्माण कार्य को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर पुनर्निर्माण को लेकर गतिविधियां तेज हो गई है। प्रशासनिक टीमें ने सड़कों के निर्माण को लेकर टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 33 सड़कों के निर्माण की मंजूरी मिलने पर वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व पूर्व मंत्री गोपाल कांडा का आभार जताया है।
पूर्व मंत्री गोपाल कांडा इस समस्या के समाधान के लिए लगातार मुख्यमंत्री से मांग कर रहे थे। पूर्व मंत्री की मांग पर सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 2453.28 लाख रुपये, यानी करीब 24.53 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दे दी। यह राशि मुख्यमंत्री शहरी समग्र विकास योजना के तहत स्वीकृत की गई है। निदेशालय के कार्यकारी अभियंता रमन कुमार की ओर से जिला नगर आयुक्त सिरसा को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर दिया गया है।
वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा ने बताया कि विकास कार्य केवल नगर परिषद सीमा के भीतर ही करवाए जाएंगे। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित एक्सईएन, एई और जेई व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। भुगतान से पहले अधिकारियों को यह प्रमाणित करना होगा कि कार्य अधिकृत क्षेत्र में ही हुआ है। इसके लिए किसी अन्य योजना या ग्रांट से दोबारा भुगतान नहीं लिया गया। शहर की जिन सड़कों को ड्रेनेज कार्य के दौरान तोड़ा गया था, अब उनका नए सिरे से निर्माण होगा। इससे लोगों को धूल, गड्डों और जाम जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि योजना पूरी होने के बाद सिरसा शहर की सड़कें महानगरों की तर्ज पर चमकती नजर आएंगी।