हरियाणा में 20 घंटे तक चली जंग, लेकिन नहीं बच सकी मासूम की जान;  बोरवेल हादसे का दर्दनाक अंत

 

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अंबाला जिला के धनौरा गांव में खुले बोरवेल में गिरे 4 साल मासूम को बचाने के लिए करीबन 20 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मगर आखिरकार दुखद अंत के साथ समाप्त हुआ। बोरवेल से बच्चे को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
रेस्क्यू अभियान पूरा होने के बाद प्रशासन ने धनौरा गांव स्थित उस खुले बोरवेल को स्थाई रूप से बंद कर दिया, ताकि भविष्य में इस तरह की कोई और दुर्घटना न हो सके।

आपको बता दें कि बोरवेल में मंगलवार तडक़े हुए इस हादसे के बाद बच्चे को बचाने के लिए भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टीमों को कई तकनीकी और प्राकृतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

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एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट अनिल कुमार ने इस बारे में बताया कि बच्चा जिस बोरवेल में फंसा था, उसमें करीबन 60 फीट की गहराई से पानी भरना शुरू हो गया था। पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा था और बच्चा धीरे-धीरे नीचे की ओर खिसक रहा था।

लगातार बरसात और ढीली मिट्टी के कारण कई बार बचाव अभियान को रोककर फिर से शुरू करना पड़ा, जिससे ऑपरेशन लंबा खिंच गया। उन्होंने कहा कि अंतिम चरण में भी बच्चे में जिंदगी के कोई संकेत दिखाई नहीं दिए।

करीब 19 घंटे की लगातार मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने बच्चे को बाहर निकाला और स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस से तत्काल सिटी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. ऋषिपाल ने बताया कि बच्चे को बाहर निकालते ही उसकी जांच शुरू की गई। अस्पताल में ईसीजी करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है और मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।