भक्ति और आस्था का संगम: उदयपुर से निकली 21 फीट लंबी अष्टधातु की दिव्य गदा पहुँची श्री तारा बाबा कुटिया
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के दर्शन अक्सर देश के विभिन्न कोनों में होने वाले आयोजनों में मिलते हैं। इसी कड़ी में राजस्थान के उदयपुर से शुरू हुई एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक यात्रा आज सिरसा स्थित सुप्रसिद्ध श्री तारा बाबा कुटिया पहुँची। उदयपुर के "बन हनुमान जी" की 84 फीट ऊँची विशाल प्रतिमा के लिए विशेष रूप से निर्मित 21 फीट लंबी अष्टधातु की दिव्य गदा के दर्शन पाकर सिरसा के श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। हनुमान धाम कंचन सेवा संस्थान के तत्वावधान में निकली यह यात्रा जैसे ही तारा बाबा कुटिया पहुँची, कुटिया के मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ इसका स्वागत किया। इस अवसर पर गदा का पूजन किया गया और उपस्थित जनसमूह ने जय श्री राम व जय बजरंग बली के गगनभेदी जयकारों से पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया।
श्रद्धालुओं में इस दिव्य गदा को छूने और उसके दर्शन करने की होड़ मची रही। गोबिंद कांडा ने कहा कि विशाल गदा न केवल अपने आकार (21 फीट) बल्कि अपनी बनावट के कारण भी आकर्षण का केंद्र है। अष्टधातु से निर्मित यह गदा अत्यंत भव्य और कलात्मक है। इसे उदयपुर में स्थापित होने वाली हनुमान जी की 84 फीट ऊंची प्रतिमा पर सुशोभित किया जाना है। हनुमान धाम कंचन सेवा संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस गदा को देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण करवाया जा रहा है ताकि राष्ट्र में हनुमान जी की भक्ति और शक्ति का संचार हो सके। यह पावन यात्रा 4 नवंबर 2023 से निरंतर जारी है। आयोजकों ने एक अभूतपूर्व संकल्प लिया है कि यह दिव्य गदा अगले 9 वर्षों तक भारत के कोने-कोने में जाएगी।
कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक और कच्छ से लेकर कामरूप तक, देश के हर प्रमुख मंदिर और तीर्थ स्थल पर इस गदा को ले जाया जाएगा। लगभग एक दशक तक पूरे भारत का भ्रमण करने के पश्चात यह पवित्र गदा पुनः उदयपुर लौटेगी, जहाँ इसे भव्य प्रतिमा पर स्थापित किया जाएगा। श्री तारा बाबा कुटिया में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान हुए, साथ ही सामाजिक समरसता का दृश्य भी देखने को मिला। मुख्य सेवक गोबिंद कांडा ने आयोजकों का सम्मान किया और उन्हें इस पुनीत कार्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए विदाई दी। इस अवसर पर विशेष रूप से देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति के लिए बाबा के चरणों में प्रार्थना की गई।
यह आयोजन मात्र एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि समाज में एकता और सेवा के संदेश को सुदृढ़ करने का एक माध्यम बना है। विभिन्न राज्यों और संस्कृतियों से गुजरती हुई यह गदा उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम को एक सूत्र में पिरोने का काम कर रही है। कुटिया में मौजूद श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सनातन धर्म की विशालता का बोध होता है।आज का यह कार्यक्रम न केवल सिरसा के लिए गौरव का विषय रहा, बल्कि इसने क्षेत्र के आध्यात्मिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की। कुटिया परिसर में देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और हर कोई हनुमान जी की इस दिव्य गदा की आभा से अभिभूत नजर आया। इस मौके पर अग्रवाल सभा के प्रधान संजय गोयल, अमित सिंगला, बबलू, अनिल सर्राफ, भीम सिंगला सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।