HARYANA के एससी वर्ग के मत्स्य पालकों को स्वरोजगार में विस्तार के लिए दिया जा रहा 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान

 
mahendra india news, new delhi

हरियाणा सरकार द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से अनुदान योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को मत्स्य पालन परियोजना की लागत पर अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी। इस योजना के तहत लाभार्थियों को परियोजना लागत का 60 प्रतिशत अथवा 90 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। अधिकतम चार हेक्टेयर क्षेत्र तक यह सहायता उपलब्ध होगी। यह योजना स्वयं की भूमि, पंचायत तालाब अथवा सरकारी जलाशयों पर किए जाने वाले मत्स्य पालन पर लागू होगी।

*यह है पात्रता की शर्तें*

योजना के अनुसार लाभार्थी हरियाणा का स्थायी निवासी तथा अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना चाहिए। आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) होना अनिवार्य है। मत्स्य तालाब का पट्टा कम से कम पांच वर्ष की अवधि का होना चाहिए तथा लाभार्थी की आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा आवेदक किसी सरकारी अथवा अर्द्धसरकारी संस्था में कार्यरत नहीं होना चाहिए। एक लाभार्थी तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस मद के अंतर्गत अनुदान प्राप्त कर सकेगा। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को मत्स्य किसान एवं विभाग के बीच अनुबंध पत्र, पंचायत तालाब होने की स्थिति में पंचायत और मत्स्य किसान के बीच अनुबंध पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, भूमि अथवा पट्टा संबंधी दस्तावेज, मत्स्य बीज खरीद की रसीद या वाउचर तथा साइट एवं तालाब से संबंधित फोटो शामिल हैं। 

*मछली जाल की खरीद पर मिलेगी भी मिलेगी 60 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता*

अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े परिवारों को वेलफेयर ऑफ शेड्यूल्ड कास्ट फैमिलीज अंडर फिशरीज सेक्टर योजना के तहत मछली पकड़ने के जाल की खरीद पर भी विशेष अनुदान प्रदान कर रहा है। इस योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को मछली जाल खरीदने पर 60 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना के तहत अन्य दस्तावेज के साथ लाभार्थी को मछली जाल खरीदने का जीएसटी भुगतान बिल प्रस्तुत करना होगा। योजना के तहत कोई भी पात्र व्यक्ति तीन वर्षों में केवल एक बार ही इस मद में अनुदान प्राप्त कर सकता है। योजना के अंतर्गत 40 हजार रुपये तक की लागत वाले मछली जाल की खरीद पर 60 प्रतिशत की दर से अनुदान दिया जाता है। इस प्रकार प्रति लाभार्थी अधिकतम 24 हजार रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है। 

SIRSA जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि हरियाणा सरकार की यह योजना अनुसूचित जाति वर्ग के मत्स्य पालकों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता से मत्स्य पालकों को उत्पादन लागत कम करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने पात्र लाभार्थियों से अपील की कि वे योजना का अधिकतम लाभ उठाएं और अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय अथवा अंत्योदय सरल केंद्र से संपर्क करें।