सर्वधर्म बेअदबी रोको टावर मोर्चा समाना के समर्थन में बीकेई के बैनर तले हरियाणा से समाना पहुंचा किसानों का जत्था: लखविंदर सिंह औलख
mahendra india news, new delhi
भारतीय किसान एकता बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख जानकारी देते हुए बताया कि 12 अक्टूबर 2024 से सर्वधर्म बेअदबी रोको कानून बनवाने के लिए समाना (पंजाब) में टावर मोर्चा लगा हुआ है, जिसमें एसकेएम गैर राजनीतिक से किसान संघर्ष कमेटी पंजाब कोटबुढा, बीकेयू शेरे-ए-पंजाब, भारतीय किसान एकता बीकेई से पंजाब और हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद जिले से किसानों का जत्था टावर मोर्चा सामना पहुंचा! औलख ने कहा कि भारतीय किसान एकता की टीम शुरू से ही इस मोर्चे के साथ जुड़ी हुई है,
जब भी मोर्चे से कोई कॉल दी जाती है तो हरियाणा से भी बड़ी संख्या में श्री गुरु ग्रंथ साहिब में आस्था रखने वाले और सभी धर्म का सम्मान करने वाले लोग उसमें शामिल होते हैं। बीकेई से गुरप्रीत सिंह संधू व अमरीक सिंह बाजवा की अध्यक्षता में हरियाणा से कई बार संगत ने मोर्चे पर पहले भी हाजिरी भरी है। औलख ने कहा कि भाई गुरजीत सिंह खालसा 400 फीट ऊंचे टावर पर 4.6 फीट की जगह में पिछले 509 दिनों से धरना दे रहे हैं, लेकिन पंजाब की भगवंत मान सरकार कुंभकर्णी नींद सो रही है। गुरजीत सिंह खालसा की कई बार तबीयत भी खराब हो चुकी है।
औलख ने कहा कि टावर मोर्चा कमेटी, किसान जत्थेबंदियों, धर्म प्रेमियों व समूह संगत ने 24 फरवरी से बाबा बंदा सिंह बहादुर चौक, चंडीगढ़-समाना रोड पर भाई गुरजीत सिंह खालसा के समर्थन में सर्वधर्म बेअदबी रोको कानून बनवाने के लिए धरना दिया हुआ है। कल समाना शहर के सभी व्यापारियों, रेहड़ी-फड़ी वालों, दुकानदारों ने अपने-अपने संस्थान बंद करके मोर्चे को समर्थन करते हुए समाना शहर में विशाल मार्च निकाला।
औलख ने संगत से अपील करते हुए कहा कि शब्द गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में आस्था रखने वाले सभी धर्म प्रेमी ज्यादा से ज्यादा इस मोर्चे का हिस्सा बनें, ताकि पंजाब की भगवंत मान सरकार पर दबाव बनाकर 6 मार्च को होने वाले पंजाब विधानसभा सत्र में सर्वधर्म बेअदबी रोको सख्त से सख्त कानून बनवाया जा सके,
जिससे श्री गुरु ग्रंथ साहिब सहित सभी धार्मिक ग्रंथों की निरंतर हो रही बेअदबियों को रोका जा सके। समाना टावर मोर्चे पर कोटबुढा से दलजीत सिंह विर्क, बीकेयू शेरे ए पंजाब से रणजीत सिंह, सोनू किशनपुरा, बीकेटी से अंग्रेज सिंह कोटली दलजीत सिंह, अमरीक सिंह बाजवा, सरदूल सिंह भट्टी, जगमेर सिंह भट्टी, बाबा तारा सिंह, रणधीर सिंह संधू, पिंदा काहलों, राजू रघुआना, संदीप झोरड़रोही, निर्मल सिंह भट्टी सहित सैकड़ों किसानों ने शिरकत की।