प्रतिभा को मंच, युवाओं को नई दिशा: सीडीएलयू के त्रिवेणी युवा महोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की धूम

 

mahendra india news, new delhi
युवा शक्ति केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत भी है। जब युवाओं की ऊर्जा को कला, संस्कृति और रचनात्मकता के साथ सही दिशा मिलती है, तो यही शक्ति समाज में सकारात्मक बदलाव का आधार बनती है। इसी प्रेरक संदेश के साथ चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में आयोजित 13वें त्रिवेणी युवा महोत्सव 2026 के दूसरे दिन विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, कला और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।

इस संबंध में जानकारी देते हुए युवा कल्याण निदेशक प्रोफेसर मंजू नेहरा ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के दिशा निर्देशन में युवा कल्याण निदेशालय की ओर से आयोजित इस महोत्सव की थीम ‘युवा उमंग, संस्कृति के संग’ है। दूसरे दिन विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि युवा महोत्सव केवल प्रतियोगिता और मनोरंजन का मंच नहीं है, बल्कि यह प्रतिभा निखारने, अनुशासन सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन में सकारात्मक लक्ष्य निर्धारित करने का अवसर भी है।

मेहनत और अनुशासन से ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण: एसपी दीपक सहारण
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिरसा के पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने व नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानते हुए अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करना चाहिए।

एसपी ने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के सपनों, परिवार और भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। विद्यार्थियों को स्वयं नशे से दूर रहना चाहिए तथा यदि उनका कोई मित्र या परिचित इसकी चपेट में है, तो उसे उचित उपचार और सहयोग के माध्यम से मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में महोत्सव के सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना की और विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा गैर-शिक्षक कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं।

पंचकूला के सहायक पुलिस आयुक्त विक्रम नेहरा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नई तकनीकों का दौर है। जहां तकनीक ने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं, वहीं भ्रामक सूचनाओं और नकारात्मक विचारों के प्रसार जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे समय में युवाओं को विवेकपूर्ण सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और मजबूत सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को कभी स्वयं को कमजोर नहीं समझना चाहिए और न ही अपने समाज, संस्थान तथा राष्ट्र के प्रति उदासीन होना चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

युवा ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का मंच है युवा महोत्सव: डॉ विजय कुमार
विशिष्ट अतिथि के रूप में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार के कुलसचिव डॉ विजय कुमार ने विद्यार्थियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि हरियाणा के युवाओं की ऊर्जा और उत्साह ऐसे आयोजनों में स्पष्ट दिखाई देते हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध सिरसा की धरती पर युवा शक्ति का यह संगम विशेष महत्व रखता है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार, कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार उनकी धर्म पत्नी  शिक्षाविद सुमन, शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रोफेसर सुशील कुमार, प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह, प्रोफेसर रणजीत कौर, गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी हिसार के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक डॉ. प्रताप मलिक, हिसार के उद्योगपति राजेश धमीजा सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक, निर्णायक, आयोजन समितियों के सदस्य और प्रतिभागी उपस्थित रहे।