नाथूसरी चौपटा क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना प्रोजेक्ट के तहत लगा ट्रांसफार्मर जला, 850 एकड़ में नहीं हो रही सिंचाई, किसानों में रोष 


 
mahendra india news, new delhi

गांव शाहपुरिया में खेतों के अंदर सूक्ष्म सिंचाई परियोजना प्रोजेक्ट के तहत लगा हुआ ट्रांसफार्मर जल गया है। इससे किसानों की 850 एकड़ भूमि में सिंचाई नहीं हो पा रही है। किसानों ने ट्रांसफार्मर बदलने की मांग को लेकर शनिवार को रोष व्यक्त किया। 


गौरतलब है कि गांव की 850 एकड़ रेतीली जमीन की सिंचाई की जाती है। फव्वारा लगाकर फसलों को पानी दिया जाता है। सरकार ने वर्ष 2018 में गांव में 4 करोड़ 4 लाख 18 हजार 750 रुपये का सूक्ष्म सिंचाई प्लांट लगाया गया था।  

प्लांट में कुल छह मोटरें हैं, जिनसे किसान अपने खेतों में पानी देते हैं। गांव में बने इस प्लांट की देखरेख काडा विभाग को दिया हुआ था। किसान कृष्ण कुमार सिंवर, हनुमान, मंगत राम, सुंदरपाल, गुलाब सिंह, सुमेर सिंह, वेदपाल, सतपाल, रमेश, भीम, रामकुमार, विशाल, ओमप्रकाश व रामचंद्र ने बताया कि प्लांट में पिछले माह की 30 दिसंबर को ट्रांसफार्मर जल गया।

 जिसके चलते किसानों के 850 एकड़ में खड़ी गेहंू, सरसों, चनाख् की फसलों में सिंचाई का संकट गहरा गया है। किसानों ने बताया कि अब बिजली पर ही आधारित है और ट्रांसफार्मर जलने से बिजली सप्लाई पूरी तरह से बाधित है। अगर जल्द ही बिजली सप्लाई शुरू नहीं हुई तो किसानों की फसल सिंचाई के अभाव में खराब हो जाएगी। इससे उत्पादन पर असर पड़ेगा। वहीं किसानों को आर्थिक तौर पर नुकसान होगा। 


किसानों ने बताया कि इस बारे में काडा विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया। काडा के अधिकारियों ने बिजली निगम के अधिकारियों को पत्र लिखने की बात कहीं। जब इस बारे में जब बिजली विभाग के चौपटा एसडीओ से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेवारी संबधित विभाग की है।