CDLU SIRSA में एम.ए. अर्थशास्त्र की 50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी
Mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा का अर्थशास्त्र विभाग गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में निरंतर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2004 में स्थापित विभाग ने अपने अनुभवी संकाय, नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति तथा शोधोन्मुख वातावरण के बल पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभाग में एम.ए. अर्थशास्त्र की 50 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है तथा इच्छुक अभ्यर्थी 15 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अभय गोदारा ने बताया कि विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को अर्थशास्त्र के सिद्धांतों एवं अवधारणाओं का गहन ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ स्थानीय एवं वैश्विक आर्थिक चुनौतियों की समझ विकसित करना तथा उनमें सृजनात्मक एवं शोध परक दृष्टिकोण का विकास करना है। विभाग का विजन विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, समर्पण, आलोचनात्मक चिंतन तथा स्वतंत्र विश्लेषण की भावना विकसित करना है, ताकि वे समाज एवं राष्ट्र के समावेशी विकास में प्रभावी योगदान दे सकें।
उन्होंने बताया कि विभाग में एम.ए. अर्थशास्त्र तथा पीएचडी. कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कृषि अर्थशास्त्र, विकास अर्थशास्त्र, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आर्थिक नीति तथा ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख शोध क्षेत्र हैं। विभाग का रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, आधुनिक शिक्षण पद्धति तथा अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, शोध एवं उच्च शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करता है। उन्होंने कहा कि विभाग के प्राध्यापक समय-समय पर राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय सेमिनारों में अपनी उपस्थिति दर्ज करके सीडीएलयू का नाम रोशन कर रहे हैं।
प्रोफेसर गोदारा ने बताया कि विभाग की उपलब्धियों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां के अनेक विद्यार्थियों ने यूजीसी-नेट तथा जेआरएफ तथा पीजीटी की परीक्षा उत्तीर्ण कर देश के विभिन्न महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे है। वर्तमान में भी विभाग के शोधार्थी एवं विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभाग विद्यार्थियों को केवल विषयगत ज्ञान ही नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक समस्याओं के समाधान के लिए विश्लेषणात्मक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण भी प्रदान कर रहा है।