सोने-चांदी की खरीद बेच में धोखाधड़ी का आरोप, SIRSA एसपी से मिला पीड़ित व्यापारी, मिला उचित कार्रवाई का आश्वासन
Mahendra india news, new delhi
सोने-चांदी की खरीद-बेच में धोखाधड़ी के आरोप के मामले में शहर निवासी स्वर्णकार सुखविंद्र सोनी (पूर्व जिला प्रधान स्वर्णकार संघ, सिरसा) ने पुलिस अधीक्षक सिरसा से मुलाकात कर इस मामले में न्याय दिलाने की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने प्रार्थी को न्याय दिलवाने का आश्वासन दिया। वहीं इससे पूर्व एडीजीपी हिसार को भी शिकायत पत्र दिया जा चुका है।
मीडिया के समक्ष अपना दुखड़ा रोते हुए सुखविन्द्र सिंह सोनी पुत्र बाबू सिंह निवासी वार्ड नम्बर 19 मोहल्ला धोबियान वाला, सिरसा ने बताया कि वह पिछले 40 सालों से शहर के सदर बाजार में सोने-चांदी के आभूषण बनाने का काम करता है। उसने बताया कि दिसंबर 2020 से लेकर अक्तूबर 2022 तक उसने अजय कुमार पुत्र राजेन्द्र कुमार व राजेन्द्र कुमार पुत्र सोहन लाल निवासीगण नजदीक जीटीएम कॉलोनी हिसार रोड, सिरसा के साथ सांझे में व्यापार किया था। उपरोक्त पिता-पुत्र के साथ कारोबार के लिए मध्यस्ता सुन्दर दास पुत्र घनश्याम दास व रोशन लाल पुत्र सुन्दर दास निवासीगण फतेहाबाद ने की थी।
सुखविंद्र सोनी ने बताया कि सुंदर दास उसे अजय की दुकान पर लेकर गया था और बताया कि वह होलसेल का काम करता है और सोने-चांदी के बारे में अच्छा अनुभव है। सुंदर दास ने उसे अच्छे मुनाफे का लालच देकर सांझेदारी में काम करने की बात कही। उसने सुंदर दास व उसके बेटे रोशन लाल की बातों पर विश्वास कर अपने रिश्तेदारों व स्वयं के परिवार से एकत्रित कर करीब 1.565 किलोग्राम सोना व 6.109 किलोग्राम चांदी लगभग 14 नवंबर 2020 को अजय और उसके पिता राजेंद्र कुमार को सुपुर्द कर दी।
इस संबंधी सुंदर दास के बेटे रोशन के हाथ से जमा करवाए गए सोने-चांदी संबंधी कागजात, जोकि शिकायत के साथ भी संलग्न किए गए हैं। यहां यह उल्लेखनीय है कि सुंदर दास राजेंद्र कुमार का रिश्ते में बहनोई है। इसके बाद लॉकडाऊन लग गया। हालांकि इसके बाद भी मेरे घर पर सोने-चांदी के कार्य को जारी रखा। लेनदेन का सारा कार्य अजय करता था और एमएमआई सॉफ्टवेयर को अपडेट करने की एवज में मेरे से 10 लाख रुपए भी अलग से लिए थे। लॉकडाऊन के दौरान न तो सोने-चांदी के दाम कम हुए और न ही काम बंद हुआ। सोनी ने बताया कि लेनदेन का काम अजय करता था, लेकिन अजय हिसाब-किताब रोशन को बुलाकर करता था। 2 सितंबर 2021 को अजय व रोशन ने हिसाब बनाकर दिया कि इस वक्त सोने-चांदी की कीमत के हिसाब से कुल राशि 2.51 करोड़ रुपए है और व्यापार भी अच्छा चल रहा है। इसके बाद 1 फरवरी 2022 को दोनों ने पूंजी 2.7 लाख रुपए दिखाई और तब भी मुनाफा बताया। इसी दौरान मुझे अपने छोटे बेटे की शादी में न्यूजीलेंड जाना पड़ा।
आरोपियों ने उसे आश्वस्त किया कि जब भी पैसों की जरूरत हो तो बता देना। 30 जून 2022 को अजय व रोशन ने दुकान में उपरोक्त सोने-चांदी की कीमत 1.87 करोड़ रुपए बताई, जिसपर मुझे गड़बड़ी का शक हुआ। जब उसने दोनों से इस बाबत बात की तो दोनों ने कोई संतुष्टिजनक जवाब नहीं दिया। रोशन लाल ने कहा कि हिसाब में कोई गलती हो गई है, जिसपर उसने अपना हिसाब करने की मांग की। बार-बार हिसाब की बात करने पर उपरोक्त चारों टाल मटोल करते रहे। इसके बाद 2 अक्तूबर 2022 को अजय ने रोशन लाल को फिर से सिरसा बुलाया। उसने इस बार 1.28 करोड़ की पंूजी बताई, जिसे सुनकर उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई, जिसपर उसे पूरा माजरा समझ आ गया कि ये लोग मेरे साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।
इसके बाद 6 नवंबर 2022 को तत्कालीन तहसील प्रधान लीलाधर सोनी को प्रार्थी ने पंचायत के लिए कहा। समाज के कुछ मौजिज लोगों की कई बार पंचायत हुई, लेकिन उपरोक्त चारों आरोपी हिसाब-किताब देने में असमर्थ रहे। तत्पश्चात वह 13 नवंबर 2022 को वह अपने बेटे की शादी के लिए न्यूजीलेंड चला गया। करीब ढाई माह बाद वापस आकर भी उसने कई बार पंचायतें की। पंचायती सदस्यों ने भी प्रार्थी को सहयोग का भरोसा दिलाया, लेकिन आरोपी पक्ष की ओर से कोई हिसाब-किताब न दिए जाने पर पंचायती सदस्यों ने भी दोनों पक्षों को स्वतंत्र रूप से कार्रवाई के लिए बोल दिया। स्वर्णकार संघ के तत्कालीन जिला प्रधान प्रभुदयाल भामा से भी समझौते के लिए आग्रह किया, लेकिन यहां भी बात सिरे नहीं चढ़ सकी।
बाद में मजबूर होकर न्याय के लिए पुलिस प्रशासन का सहारा लेना पड़ा और 21 दिसंबर 2023 को शहर थाना सिरसा में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत के बाद आरोपी पक्ष द्वारा लगातार उसे धमकियां दी गई और ये कहा गया कि हमने धोखाधड़ी करनी थी, अब हमारा तू कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अपने साथ हुई इस धोखाधड़ी के कारण करीब ढाई साल से अब तक प्रार्थी मानसिक तौर पर उपचार चल रहा है। इस संबंधी एडीजीपी हिसार को भी एक शिकायत दी गई, जिसे एसपी सिरसा को प्रेषित कर दिया गया। अब आर्थिक अपराध शाखा द्वारा मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
वहीं दूसरे पक्ष के अजय कुमार का कहना है कि सुखविंद्र सोनी ने उनके साथ कोई व्यापार किया ही नहीं। इस संबंधी दो बार उन द्वारा दी गई शिकायत को पुलिस प्रशासन द्वारा दफ्तर दाखिल किया जा चुका है। ये सिर्फ और सिर्फ हमें बदनाम करने की साजिश की जा रही है।