अनिल विज एक्शन में, हरियाणा प्रदेश में कम सैलरी देने वाली फैक्ट्रियों की अब खैर नहीं, कार्रवाई के लिए मांगी सूची
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश के अंदर जगह जगह फैक्ट्रियां लगी हुई है। इनमें कर्मचारियों को तैनात किया गया है। मगर इनमें सैलरी कम कर्मचारियों को मालिकों द्वारा दी जाती है। प्रदेश की हरियाणा सरकार ने अप्रैल में न्यूनतम वेतन तय किया था, बावजूद इसके कम भुगतान की शिकायतें सामने आने पर श्रम विभाग ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। विभाग ने ऐसे उद्योगों के नाम मांग लिए हैं, जहां श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं दिया जा रहा।
आपको बता दें कि दरअसल, न्यूनतम वेतन से कम भुगतान का मामला युमनानगर के अंदर जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में आया था। इसमें पहले समिति के चेयरमैन एवं श्रम मंत्री अनिल विज फिर जिला उपायुक्त प्रीति ने श्रम विभाग को आदेश दिये थे।
इसकी जांच गठित कमेटी में बीजेपी कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला संयोजक एवं जिला कष्ट निवारण समिति मेंबर रोशन लाल शर्मा शामिल रहे। रोशन लाल शर्मा ने श्रमिकों को न्यूनतम वेतन दिलाने के साथ पात्र कामगारों को ईएसआइ व प्रोविडेंट फंड की सुविधा सुनिश्चित कराने की भी मांग रखी।
आपकी जानकारी के लिए ये भी बता दें कि अब यमुनानगर सर्किल-1 से सहायक श्रम आयुक्त ने रोशन लाल शर्मा को पत्र भेजा है।
इसमें बताया गया है कि न्यूनतम वेतन नहीं देने वाले उद्योगों के नाम मांगे गए हैं, वहीं नाम मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई है। मामले में विभाग की ओर से यह कदम उठाए जाने पर रोशन लाल शर्मा ने सीएम, श्रम मंत्री सहित यमुनानगर विधायक घनश्याम अरोड़ा व बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेश सपरा का आभार जताया।