SIRSA में ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए 5,26200 रुपये की ठगी करने के मामले में एक अन्य आरोपी सीकर राजस्थान से काबू

 

Mahendra india news, new delhi
SIRSA SP दीपक सहारन के दिशा-निर्देशानुसार साइबर अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए जिला की साइबर थाना पुलिस ने इंस्टिट्यूशन अकाउंट के जरिए ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में संलिप्त आरोपी को राजस्थान के सीकर जिला से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए साइबर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर प्रेम कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर की गई।  

मामले के अनुसार, बरनाला रोङ सिरसा निवासी तविन्द्र सिंह पुत्र त्रिलोचन सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसे उसे कंचन नामक युवती द्वारा इंस्टिट्यूशन अकाउंट के जरिए ऑनलाइन ट्रेडिंग के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। फिर मुझे व्हाट्सएप ग्रुप मे जोङा गया जिसमे लोग मुनाफे के फोटो भेज रहे थे ।

झांसे में आकर पीड़ित ने शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क पूरे किए। साइबर अपराधियों ने विश्वास जीतने के लिए प्रारंभिक निवेश पर दोगुनी राशि उसके खाते में वापस भेजी। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित को अधिक लाभ का प्रलोभन देकर बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। लालच में आकर पीड़ित ने कुल 5 लाख 26 हजार 200 रुपये ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कर दिए। जब पीड़ित ने निवेश की गई राशि निकालने के लिए भेजे गए लिंक पर क्लिक किया तो लिंक बंद हो चुका था। जब तक पीड़ित व्यक्ति को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है। शिकायत के आधार पर साइबर थाना सिरसा में अज्ञात साइबर अपराधियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी इरफान अली पुत्र रफिक अली निवासी गांव छुडीमीयान जिला सीकर राजस्थान, को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि इस मामले में एक अन्य आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस द्वारा मामले में कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं तथा अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।  सिरसा पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, सोशल मीडिया आईडी या ऑनलाइन निवेश के लालच में आकर धनराशि निवेश न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें।