आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड सेफ इंटरनेट अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन
Mar 17, 2026, 14:47 IST
चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज ने डिजिटल युग में तकनीक के सुरक्षित और सार्थक उपयोग की दिशा में एक और सार्थक कदम बढ़ाया जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड सेफ इंटरनेट अवेयरनेस वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस संबंध में जानकारी देते हुए यूएसजीएस के डीन प्रोफेसर मोहम्मद काशिफ किदवई ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के दिशा निर्देशन एवं कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय के टैगोर एक्सटेंशन लेक्चर थिएटर में यह कार्यशाला आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बदलती दुनिया से परिचित कराना और साथ ही इंटरनेट के सुरक्षित, संतुलित एवं जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करना था।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ समरघोष इन्फोटेक, सिरसा के अखिल ने विद्यार्थियों को एआई के वर्तमान उपयोग, भविष्य की संभावनाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की उपयोगिता, साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण प्रयोग से संबंधित आवश्यक जानकारियां प्रदान की। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग समझदारी और सावधानी के साथ किया जाए। दूसरे विशेषज्ञ भव्य ने कहा कि आज तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राध्यापिका नीलम एवं मीनाक्षी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के बीसीए और बीएससी डेटा साइंस के लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साह और जिज्ञासा के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का सुचारु संचालन कंप्यूटर साइंस प्राध्यापक प्रतीक सिंह द्वारा किया गया, वहीं मंच संचालन की जिम्मेदारी प्राध्यापक दीपक शर्मा ने बखूबी निभाई।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ समरघोष इन्फोटेक, सिरसा के अखिल ने विद्यार्थियों को एआई के वर्तमान उपयोग, भविष्य की संभावनाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की उपयोगिता, साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण प्रयोग से संबंधित आवश्यक जानकारियां प्रदान की। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि तकनीक तभी सार्थक है, जब उसका उपयोग समझदारी और सावधानी के साथ किया जाए। दूसरे विशेषज्ञ भव्य ने कहा कि आज तकनीक हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं छात्रों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राध्यापिका नीलम एवं मीनाक्षी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के बीसीए और बीएससी डेटा साइंस के लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साह और जिज्ञासा के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का सुचारु संचालन कंप्यूटर साइंस प्राध्यापक प्रतीक सिंह द्वारा किया गया, वहीं मंच संचालन की जिम्मेदारी प्राध्यापक दीपक शर्मा ने बखूबी निभाई।