आशा वर्करों ने सीएचसी चौपटा में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
Mahendra india news, new delhi
चौपटाः अपनी मांगों को लेकर को नाथुसरी चौपटा क्षेत्र की आशा वर्करों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रदर्शन कर चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने मानदेय समय पर दिलवाने सहित कई मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
आशा वर्कर यूनियन हरियाणा के तत्वाधान में प्रदर्शन करते हुए पूर्व प्रधान कलावती माखोसरानी, उप प्रधान रेखा डिंग, रोशनी दड़बा कंला, ममता जमाल, विद्या, कांता, सुलोचना, शिमला रानी, उषा रानी, प्रमिला, सुरतां, सनीता सावित्री, किरण बाला, सरोज, किरण, पुनम, निर्मला, सिमा, माया, गायत्री, पायल, कृष्णा सोमा रानी, बबीता शिलू रानी, राजबाला, मंजू, सरला देवी, विरवती, राजपती , नीतू तारा देवी ने चिकित्सा अथिकारी डा. सुरेखा, डां संदीप कुमार को ज्ञापन सौंपते हुए उन्होने कहा कि उनका मानदेय एक निश्चित समय सीमा को मिलना चाहिए और कई आशा वर्कर का मानदेय बिना कारण के रोक दिया जाता है।
उन्होने बताया की मार्च-अप्रैल में 6 आशावर्कर का मानदेय नहीं आया उसका कारण बताना जाए। जेएस वाई स्कीम के तहत चौपटा क्षेत्र का भुगतान जीरो है। ब्लॉक स्तर की कमेटी के साथ कम से कम 3 माह में बैठक करना सुनिश्चित करे । स्क्रीनिंग करने के लिए केंप लगाएं जाए। एएनसी के लिए केंप लगाएं जाएं । ऑनलाइन काम के लिए दवाब न बनाया जाए। एएनसी की पूरी जांच सीएचसी व पीएचसी स्तर पर की जाए। जेएसवाई डिलीवरी के कागज जमा करवाने के बाद आशा को डिलीवरी की पेमेंट दी जाए।
एएनसी अबोर्शन का मामला होने पर आशा वर्कर का कार्य सूचना देना है उसके डॉक्यूमेंट अधिकारियों दवारा मागा जाए और उसमें कोई कार्यवाही होती है तो उसमें आशावकर को न घसीटा जाए। आशा वर्कर की हर महीने की स्टेट राशि 15 तारिख से पहले दी जाए। आशा वर्कर का काम मां व बच्चे की देखभाल करना है। ऑनलाइन जैसे कार्य आशा पर न थोपा जाए। एएनसी केंप के अंदर सभी जांच होनी चाहिए। और एएनसी को एक महीने की आयरन व कैलशियम की दवाई दी जाए। आशा का कार्य एएनसी का रजिस्ट्रेशन करवाना है उसके बाद कार्ड बनाना और जांच करना एएनएम का कार्य है उन पर दबाव आशा पर न बनाया जाए। एनसीडी ने स्क्रिनिग के कार्य में आशा पर दबाव न बनाया जाए। टीबी मरीजों के सेंपल जमा करवाने का आशा पर दबाव न बनाया जाए। पिंक रजिस्ट्रेशन पूरा करवाने का कार्या को पूरा करने का दबाव आशा पर न बनाया जाए।
आशा वर्कर की डिलिवरी पेशेंट को सीएसी या जीएससी पर एडमिट करवाती है उसके बाद अगर निजी अस्पताल में डिलीवरी होती है तो उसका जिम्मेवार आशा को न ठहराया जाए। आशा अबोरशन की सूचना देगी उसके बाद कमेटी बनाकर कार्यवाही होनी चाहिए। पीएचसी स्तर पर उसके पास लेटर भेजा जाए और घर पर विजिट करे तो पूरी टीम के साथ जाए।