नारनौल में डॉ. अशोक तंवर ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर सोमवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर ‘वोट चोरी’ के आरोपों, मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला उपायुक्त कार्यालयों तक मार्च निकालकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में आयोजित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व सांसद एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जवाबदेही की मांग उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा उनके कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की व्यापक समीक्षा की मांग दोहराई।
डॉ. अशोक तंवर ने उठाई लोकतंत्र और मताधिकार की सुरक्षा की आवाज:
डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक का मत उसका संवैधानिक अधिकार है और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता पर जनता का विश्वास कायम रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया एवं मतदाता सूचियों से संबंधित उठाए जा रहे सवालों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।
कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों और मांगों के संदर्भ में पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, चुनावी प्रक्रिया से जुड़े निर्णयों की समीक्षा तथा ‘वोट चोरी’ एवं SIR से संबंधित शिकायतों की जांच की मांग उठाई है। ये कांग्रेस की ओर से रखी गई मांगें और आरोप हैं।
कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा:
नारनौल में आयोजित प्रदर्शन में नांगल चौधरी की विधायक मंजू चौधरी, महेंद्रगढ़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष सत्यवीर यादव, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ. राजवती यादव सहित कांग्रेस के अनेक वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, मताधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। उल्लेखनीय है कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 28 सितंबर को प्रदेश के सभी 22 जिलों में जिला उपायुक्त कार्यालयों के सामने विरोध मार्च आयोजित करने का कार्यक्रम घोषित किया था।