बाल विवाह रोकने के लिए गांव खैरेकां व झोंपड़ा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, ग्रामीणों को दिलाई बाल विवाह रोकने की शपथ
mahendra india news, new delhi
सिरसा। बाल विवाह रोकने के लिए सरकार व प्रशासन की ओर से 25 नवंबर 2025 से 10 दिसंबर 2025 तक पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी के तहत गांव खैरेकां व झोंपड़ा में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर सुरपवाइजर सुष्मिता ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 को प्रभावी ढंग से लागू करने और बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में इस कानून को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए सरकार ने बाल विवाह प्रतिषेध (हरियाणा संशोधन) विधेयक 2020 लागू किया है। उन्होंने कहा कि जहां भी बाल विवाह की सूचना मिलती है तो उस पर स्वत: संज्ञान लेकर बाल विवाह को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने मंदिरों में पुजारियों व गुरुद्वारों में पाठी से आह्वान किया कि वे बाल विवाह को लेकर सतर्क रहें। कोई भी इस प्रकार का केस आता है तो तुरंत विभाग को सूचित करें। इस मौके पर ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने की शपथ भी दिलवाई गई। इस मौके पर आंगनवाड़ी वर्कर्स माया, राजबाला, ममता उपस्थित रही। वहीं गांव झोंपड़ा में सिमरजीत व बाधो देवी ने ग्रामीणों को बाल विवाह के प्रति जागरूक किया।