बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पूरी मानवता के पथ प्रदर्शक हैं: मनीष सिंगला
-टॉपर बच्चों को किया सम्मानित, बताया माँ की पूजा का महत्व
सिरसा। चत्तरगढ़ पट्टी स्थित धर्मशाला धानक समाज ट्रस्ट द्वारा संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर एक विशेष 'सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया। इस मौके पर हारे का सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान मनीष सिंगला ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम में पांचवी कक्षा के टॉपर बच्चों को सम्मानित भी किया गया। यहाँ पहुँचने पर मनीष सिंगला ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित किए।
इस दौरान मनीष सिंगला ने बाबा साहेब के "शिक्षित बनो, संघर्ष करो और संगठित रहो" के संदेश को दोहराते हुए समाज में समानता और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज हम जो आजादी और समानता महसूस कर रहे हैं, उसकी नींव बाबा साहेब के कड़े संघर्षों पर टिकी है। संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक वर्ग के नहीं, बल्कि पूरी मानवता के पथ प्रदर्शक हैं। सिरसा का यह सम्मान समारोह उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक छोटा सा प्रयास है।
मनीष सिंगला ने कहा कि अगर आपको जीवन में कामयाबी की बुलंदियों को छूना है तो उसका एक ही मूलमंत्र हैं माँ की पूजा। इस दुनिया में सबसे शक्तिशाली शब्द भी माँ हैं। इसलिए रोज़ाना उठकर उसकी पूजा करो और देखेंगे जीवन में बड़े बदलाव हुए हैं। इस दौरान मनीष सिंगला ने जीना इसी का नाम हैं, गीत गुनगुनाया।
इस मौके पर निजी सचिव हरपिंदर शर्मा, प्रियंका बोमरा, ओपी लाड़वाल, ओपी बामनिया, राजू लाड़वाल, धूप सिंह खुंडिया, सुरेंद्र क़ायत, मुकेश बागड़ी, योगेश बिज़ारनिया, सत्यवान दुग्गल, दीपक, पुनीत माहवर, राजकुमार माहवर, रिंकू इंदौर, अनिल सोलंकी, डॉक्टर सुरेंद्र नागर, रतन बोमरा, कविता नागर, रोशनी खटक, आनंद रावत, बलवंत शैली, कुलदीप खटक, रतन, अनिकेत दुग्गल इत्यादि मौजूद थे।