भारत के सामाजिक-कानूनी बदलावों में भूमिका निभाने वाले महान विचारक थे बाबा साहेब: संतोष बैनीवाल

 

 
सिरसा। स्थानीय कांग्रेस भवन में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से संविधान निर्माता डा. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान संतोष बैनीवाल ने की। सर्वप्रथम सभी पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चात जिला प्रधान संतोष बैनीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि हर साल 14 अप्रैल को बाबा साहेब की जयंती मनाई जाती है

। बाबा साहेब का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू नगर में एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्होंने सामाजिक भेदभाव और छुआछूत जैसी कुरीतियों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। कठिन परिस्थितियों में उन्होंने शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया और अपनी अलग पहचान बनाई। बाबा साहेब ने उस समय हाशिए पर पड़े समुदायों के अधिकारों की रक्षा की थी। उनका मानना था कि सच्ची तरक्की तभी हो सकती है

जब हर इंसान, चाहे उसकी जाति या बैकग्राउंड कुछ भी हो, उसे बराबर अधिकार और सम्मान मिले। उन्होंने अपनी लिखाई, भाषण और सुधार आंदोलनों से सामाजकि रुकावटों का सामना करने और सबको साथ लेकर चलने की बात की थी। डॉ. भीमराव आंबेडकर एक महान विचारक, समाज सुधारक और भारतीय संविधान के निर्माता थे। डॉ. भीमराव अंबेडकर भारत के सामाजिक और कानूनी बदलावों में भूमिका निभाने वाले महान विचारक थे।

बाबा साहब कहते थे कि बंदूक से ज्यादा विचार घातक होते हैं। बंदूक देना आसान है, लेकिन बुद्धि देना कठिन। बाबा साहेब का मानना था कि शिक्षा से समाज को बदलने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा था कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पिएगा वो दहाड़ेगा, जो आज सभी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज में समानता, न्याय और शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया। यह दिन संविधान निर्माता को सम्मान देने का है। आइए, हम सभी महान नेता के विचारों को अपनाएं और एकसमान समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लें। इस मौके पर पूर्व विधायक बलकौर सिंह, डा. वाईके चौधरी, रामकुमार खैरेकां, वेदप्रकाश शर्मा सरपंच चाडीवाल, सुभाष जोधपुरिया, मलू  सरपंच, गजानंद सोनी, रघुवीर सरपंच गुसाईआना, वेदपाल डांगी, कर्ण चावला, हरिसन बिलियन, सुभाष सरपंच सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।