HARYANA में डेयरी इकाई स्थापित कर बनें आत्मनिर्भर, 50 प्रतिशत तक मिलेगा अनुदान

 

Mahenedra india news, new delhi
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से हरियाणा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के लाभार्थियों को पशुपालन इकाइयों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपने स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित कर सकें।

योजना के तहत 18 से 60 वर्ष आयु वर्ग के हरियाणा निवासी, जो अनुसूचित जाति से संबंधित हैं और बेरोजगार हैं, आवेदन कर सकते हैं। योजना में किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता या प्रशिक्षण की अनिवार्यता नहीं रखी गई है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठा सकें। हालांकि, आवेदक के पास पशुओं को रखने के लिए पर्याप्त स्थान होना आवश्यक है।


इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को पशुपालन इकाइयों की स्थापना के लिए अनुदान दिया जा रहा है। दो दुधारू पशुओं की डेयरी इकाई स्थापित करने पर कुल लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। वहीं 10+1 सूअर इकाई के लिए भी 50 प्रतिशत तक की सहायता उपलब्ध है, जिसके तहत अधिकतम 50,000 रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। इसके अलावा 15+1 भेड़-बकरी इकाई के लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, जिसमें अधिकतम 88,200 रुपये तक की सहायता दी जा सकती है।


योजना के तहत बीमा सुविधा भी प्रदान की जाती है। विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थियों को पशुओं का बीमा करवाना अनिवार्य है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित नुकसान की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। बीमा प्रीमियम का भुगतान लाभार्थी को स्वयं करना होगा।


SIRSA पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उप निदेशक डा. सुखविंद्र सिंह ने बताया कि आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में परिवार पहचान पत्र, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण और रद्द किया हुआ चेक शामिल हैं। इच्छुक लाभार्थी संबंधित विभाग में आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना न केवल बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। पशुपालन के क्षेत्र में यह पहल सामाजिक उत्थान और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।