भारतीय किसान एकता ने जिला उपायुक्त को सौंपा सीएम के नाम ज्ञापन
mahendra india news, new delhi
भारतीय किसान एकता (बीकेई) ने हरियाणा सरकार से मांग की है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2026 सीजन के लिए प्रदेश के तीनों क्लस्टरों में बीमा कंपनियों का चयन तत्काल किया जाए, ताकि किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर बिना किसी परेशानी के अपनी फसलों का बीमा करवा सकें।
भारतीय किसान एकता के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने जिला उपायुक्त को मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि खरीफ 2026 फसल के लिए फसल बीमा प्रीमियम जमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित है, लेकिन अभी तक हरियाणा के क्लस्टर-1, क्लस्टर-2 और क्लस्टर-3 के लिए किसी भी बीमा कंपनी का अंतिम चयन नहीं किया गया है।
इससे प्रदेश के हजारों किसान असमंजस की स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में भी किसानों को फसल बीमा दावों के निपटान, प्रीमियम वापसी तथा अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। यदि इस बार भी समय रहते बीमा कंपनियों का चयन नहीं किया गया, तो अंतिम समय में जल्दबाजी में किसानों से प्रीमियम जमा कराया जाएगा, जिससे भविष्य में बीमा दावों, पात्रता तथा भुगतान को लेकर अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। बीकेई ने सरकार के समक्ष दो प्रमुख मांगें रखी हैं।
पहली, यदि नई निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी होने में समय लग रहा है, तो वर्तमान में कार्यरत एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी आॅफ इंडिया लिमिटेड, एचडीएफसी तथा इंडसइंड बीमा कंपनियों की अवधि अंतरिम रूप से बढ़ाई जाए, ताकि किसानों का फसल बीमा कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके। दूसरी, यदि यह संभव नहीं है तो तीनों क्लस्टरों के लिए नई बीमा कंपनियों का चयन एवं आवंटन तत्काल प्रभाव से किया जाए। लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस विषय पर शीघ्र निर्णय ले, ताकि कोई भी किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लाभ से वंचित न रहे और भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
भारतीय किसान एकता ने इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि कृषि मंत्री हरियाणा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि एवं किसान कल्याण विभाग) तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक को भी भेजी है। इस मौके पर बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली, अमरीक सिंह बाजवा, चंदू राम, कालूराम गोदारा, जसकरण सिंह, जसमेर सिंह भट्टी, शरणजीत सिंह रंधावा, बलदेव सिंह भट्टी मौजूद रहे।