हरियाणा प्रदेश के धरतीपुत्रों के लिए बड़ी राहत भरी खबर, वापस लौटी मुआवजा राशि, फिर से भेजेगी हरियाणा की नायब सरकार

 
mahendra india news. new delhi

हरियाणा प्रदेश के धरतीपुत्रों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में हरियाणा सरकार धरतीपुत्रों को मुआवजा राशि जारी कर रही है, लेकिन काफी संख्या में किसान ऐसे हैं, जिनके बैंक अकाउंट सही नहीं हैं या फिर दूसरी परेशानी हैं।

सरकार ऐसे में मुआवजा राशि वापस सरकारी खजाने में वापस जा रही है। अब हरियाणा की सरकार इन किसानों के बैंक खातों की जांच कराएगी, ताकि सही बैंक अकाउंट में किसानों की मुआवजा राशि डाली जा सके। आपको बता दें कि प्रदेश के कांग्रेस एमएलए चौधरी आफताब अहमद ने प्रश्नकाल में किसानों के 4 वर्ष से लंबित मुआवजे का मुद्दा उठाया। इस दौरान राजस्व एवं आपदा मंत्री विपुल गोयल और कांग्रेस विधायक में मुआवजे को लेकर काफी बहस भी देखने को मिली। 

कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने आरोप लगाया कि किसानों को फसल खराबे का उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। साल 2022 से 2025 तक किसानों की मुआवजा राशि लंबित है। किसान मुआवजे के लिए कोई सुनवाई नहीं हो रही।

इसके बाद जवाब देते हुए विपुल गोयल ने विस में बताया कि किसी धरतीपुत्र यानि किसान का बैंक अकाउंट सही नहीं है, तो कहीं कुछ और दिक्कतें हैं। हम उन सभी किसानों के बैंक अकाउंट सत्यापित कर ठीक कर रहे हैं,इन्होंने मुआवजे के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनको राशि नहीं मिल पाई। चंडीगढ़ से राशि जारी की जा चुकी है, लेकिन 4-5 बार भेजने के बाद भी खातों में राशि नहीं पहुंच पा रही। इसी कारण हमने खाते चेक कराने का फैसला लिया है और त्रुटियां ठीक होते ही मुआवजा राशि तुरंत जारी कर दी जाएगी।

प्रदेश हरियाणा के राजस्व मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार ने रबी 2025 में 116 करोड़ से अधिक की राशि किसानों के खातों में डाली है। रबी 2025 में 52 करोड़ रुपये, रबी 2024 में 127 करोड़ रुपये, खरीफ 2023 में 210 करोड़ और रबी 2023 में 180 करोड़ रुपये की राशि स्वीकार की गई। खरीफ 2024 में यमुनानगर में फसल खराबे के नुकसान की भरपाई के लिए 34.35 लाख रुपये जारी किए गए थे।

उन्होंने आगे ये भी बताया कि इनमें से 24 लाख रुपये पात्र किसानों को मिल गए, जबकि 10 लाख रुपये किसानों के खाते उपलब्ध न कराने, कुछ किसानों द्वारा राशि लेने से मना करने, कुछ किसानों की मृत्यु होने या अन्य कारणों से नहीं दिए जा सके।

अब रबी 2023 में 5 प्रयास करने के बावजूद भी 13.91 लाख रुपये और खरीफ 2023 में तीन प्रयासों के बावजूद किसानों के खातों में त्रुटियों के चलते 19 लाख रुपये नहीं दिए जा सके। इसी तरह रबी 2024 में 34.61 लाख रुपये, रबी 2025 में 92 लाख रुपये खातों में नहीं जा पाए। खरीफ 2025 में 2.68 करोड़ से ज्यादा राशि किसानों के खातों में नहीं पहुंच सकी है।

प्रदेश के मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि पटवारी इन मामलों की जांच कर रहे हैं। किसी भी किसान का एक पैसा भी शेष नहीं रहेगा। जिस किसान की फसल खराब हुई है, उसे नियमों के हिसाब से मुआवजा राशि मिलेगी।