सीडीएलयू में चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के पहले दिन सेमिनार का आयोजन, कुलगुरु प्रो. विजय कुमार रहे मुख्यातिथि
mahendra india news, new delhi
सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि भगवान ने हम सभी को कोई न कोई किरदार देकर भेजा है, जिसे गीता में स्वधर्म के नाम से जाना जाता है। जब मनुष्य स्वधर्म से विमुख होता है तो अहंकार जैसी भावनाएं जन्म लेती हैं और शांति भंग हो जाती है। यदि हमें सामाजिक संतुलन बनाए रखना है और मन को नियंत्रण में रखना है तो स्वधर्म का पालन अत्यंत आवश्यक है। शिक्षक, चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी, बच्चे सभी का अपना-अपना स्वधर्म होता है। जब हर व्यक्ति अपने कर्तव्य का पालन करेगा तो समाज में संतुलन और शांति स्वयं स्थापित हो जाएगी।
वे शुक्रवार को स्थानीय चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के प्रथम दिन श्रीमद् भगवद् गीता पर आधारित सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले मुख्यातिथि व अन्य अतिथियों ने सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सेमिनार में वक्ताओं ने गीता का मानव जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला और विभिन्न स्कूलों की टीमों ने गीता आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। श्री राम न्यू सतलुज स्कूल के बच्चों ने वंदे मातरम् प्रस्तुत कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने कहा कि हमें श्रीमद् भगवद् गीता में दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए आगे बढऩा चाहिए। मन को नियंत्रण में रखकर बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है। समय की कद्र करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है, इसलिए भगवान का सम्मान करते हुए अपने कार्यों को समय पर पूरा करना चाहिए। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत राधा-कृष्ण आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की और बच्चों से कहा कि वे संस्कार ग्रहण करें ताकि उज्ज्वल भविष्य का निर्माण हो सके।
उन्होंने कहा कि यही स्वर्ग है, इसलिए जीवन में हमेशा अच्छे कार्य करते रहें और आगे बढ़ते रहें।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में राधा-कृष्ण नृत्य, राजकीय प्राथमिक पाठशाला चत्तरगढ़ पट्टी के बच्चों द्वारा ‘अधिकार तेरा करम करना’ पर आधारित गीता पाठ, एसएस जैन कन्या स्कूल की छात्राओं द्वारा ‘आया नंद किशोर’ कृष्ण लीला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय साहुवाला-प्रथम के बच्चों द्वारा ‘राधा कैसे ना जले’ कृष्ण लीला नृत्य और महाराजा अग्रसेन स्कूल के बच्चों द्वारा ‘स्तुति ए गिरी नंदिनी’ प्रस्तुत की गई।
सेमिनार में ब्रह्माकुमारी आश्रम से राम निवास, आचार्य द्रोण प्रसाद कोइराला, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहराणा से नवीन आर्य, तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जमाल से रवि कुमार ने गीता के जीवन में महत्व पर विचार प्रकट किए। जिला परिषद के सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र ने कार्यक्रम के मुख्यातिथि सीडीएलयू के कुलगुरु विजय को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में दिव्य ज्याति जागृति संस्थान की बहन साध्वी पूजा भारती व साध्वी पूषा भारती ने गीता आरती की। कार्यक्रम में हिंदी प्रवक्ता चिमन भारतीय ने मंच संचालन किया।
इस अवसर पर एसडीएम ऐलनाबाद पारस भागोरिया, उप जिला शिक्षा अधिकारी विनोद श्योराण, बीडीपीओ सार्थक श्रीवास्तव, शिक्षा विभाग से अन्तर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के जिला समन्वयक हरिओम भारद्वाज, प्रिंसिपल बंसीलाल झोरड़, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक सुखविंद्र सिंह, प्रिंसिपल मंजु पुनिया, चाडीवाल के सरपंच वेद प्रकाश, गुसाइआना के सरपंच रघुवीर, सीडीएलयू से डॉ. पंकज, धार्मिक संस्थाओं से लेखराज सचदेवा, राजू अरोड़ा, संदीप मेहता, राजेश दूआ और अन्य गणमान्य सहित भारी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।