गांव चाहरवाला के सरकारी स्कूल के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी पूर्व छात्र मिलन समारोह आयोजित
mahendra india news, new delhi
गांव चाहरवाला में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के सौ वर्ष पूर्व होने पर रविवार को शताब्दी छात्र मिलन समारोह व सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्कूल में पढ़ने वाले एलुमनी काफी संख्या में पहुंचे। एल्यूमिनी ने मिलकर अपने विचार सांझा किया और एक दूसरे से मिलकर खुशी प्रकट की। स्कूल को रंग रोगन करने के साथ पूरे तरीके से सजाया गया । समारोह में मुख्यातिथि के तौर पर टीसीआई टॉसपोर्ट के प्रबंधक धर्मपाल अग्रवाल, सीटीएम अजय कुमार एएसपी फैजल खान, ब्लाक समिति चैयरमेन सूरजभान बुमरा ने शिरकत की । इस समारोह में पहुंचने वाले पूर्व छात्रों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गये।
गौरतलब है कि चाहरवाला स्कूल के शताब्दी मिलन समारोह में मुख्य रूप से धर्मपाल अग्रवाल पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि धर्मपाल अग्रवाल के पिता सेठ प्रभु दयाल अग्रवाल ने इस स्कूल की शुरुआत में सहयोग दिया था । इस अवसर पर धर्मपाल अग्रवाल ने लाइब्रेरी के आधुनिकीकरण के लिए सहयोग देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा कार्यक्रम में गांव शकर मंदोरी से एडवोकेट हरि सिंह सहारण पहुंचे उन्होंने बताया कि उन्होंने 1965 में चाहरवाला स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की थी उनके साथ चंद्रभान जो की रेलवे में भर्ती हुए, शीशपाल एसडीओ बने, राजकुमार अग्रवाल प्रोफेसर बने, रघुवीर बगड़िया हिंदी के प्रोफेसर बने, बहादुर सिंह भट्टी और सोहनलाल कासनिया उनके साथ पढ़ते थे। उन्होंने बताया कि स्कूल में आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा और जो कार्यक्रम किया उसमें उनकी पुरानी यादें ताजा हो गई।
इसी प्रकार रामकुमार बेनीवाल, सेवानिवृत्त प्रिंसिपल वेद प्रकाश भी इसी स्कूल से पढे थे। उन्होंने भी कार्यक्रम में शिरकत की। गांव के ही युवा थाना प्रभारी आनंद बेनीवाल ने भी शिरकत की तथा स्कूल में साथ पढे सहपाठियों से मुलाकात की। कार्यक्रम में स्कूल की छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक व देशभक्ति से ओतप्रोत और कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्र मुक्त कर दिया। इस अवसर पर पूर्व प्रधान धर्म सिंह, पूर्व सरपंच पूर्ण सिंह, शेर सिंह, हरि सिंह सहारण, पूर्व सरपंच रामचंद्र, पूर्व सरपंच भूप सिंह, गौशाला प्रधान रामस्वरूप राम सिंह, फौजी रामस्वरूप बेनीवाल, मोनिका बेनीवाल कृष्ण गढ़वाल कागदाना, कृपाल आर्य, शिक्षा अधिकारी सुनीता साइ, प्रिंसिपल जयकिशन शर्मा, अश्विनी, वेद प्रकाश, कुलदीप, दिलबाग, पृथ्वी सिंह, रविंदर, जगदीश, विजय, पृथ्वी, मोहन, सुभाष, बलदेव बेनीवाल, मुकेश बेनीवाल, रामकुमार, दिनेश खरा, सरपंच प्रतिनिधि अशोक कुमार ने भी विशेष तौर से शिरकत की। आयोजकों ने आए हुए सभी अतिथियों का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया।
अध्यापक रविंद्र कुमार ख्यालिया व ग्रामीण मुकेश कुमार ने बताया कि स्कूल में पूर्व छात्र को निमंत्रण दिया गया था । वहीं जो छात्र रहे हैं, उनके परिजनों भी पहुंचे।
--------
गांव चाहरवाला में स्कूल की नींव लाला हरदेव शाह, ठाकुर भार्गव दास द्वारा रखी गई थी वर्ष 1926 में प्राथमिक स्कूल में स्कूल में हाजरी लगने लगी। इसके बाद छात्रों की संख्या भी धीरे धीरे बढऩे लगी। स्कूल को वर्ष 1934 में मिडल स्कूल के तौर पर अपग्रेड कर दिया गया। । स्कूल को वर्ष 1952 में हाई स्कूल व इसके बाद सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा मिला। चौपटा क्षेत्र में स्कूलों की संख्ख्या नाममात्र थी। इस पर स्कूल में चौपटा क्षेत्र के 14 गांवों के बच्चे स्कूल में पढऩे आते थे। इस स्कूल में गांव चाहरवाला, जोगीवाला, रामपुरा बगडिया, कागदाना, कुम्हारियां, जसनियां, गिगोरानी, शाहपुरियां, दैयड़, जंडवाला बागड़, रूपाना गंजा, रूपाना बिश्रोईयां, शक्करमंदोरी, तरकांवाली के बच्चे पढऩे आते थे।