सैन सभा चैरिटेबल ट्रस्ट ने चौ. रणजीत सिंह चौटाला को किया सम्मानित

 

mahendra india news, new delhi
भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी की 102वीं जयंती के उपलक्ष्य में श्री सेन सभा चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा रानियां रोड स्थित सैन सभा मंदिर व धर्मशाला में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बतौर मुख्यातिथि चौ. रणजीत सिंह चौटाला पूर्व मंत्री हरियाणा सरकार ने शिरकत की। सेन सभा मंदिर के प्रधान राजकुमार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

इस मौके पर कैप्टन लक्षमण दास नेजाडेला कलां, रामपाल गवर्मेंट कांट्रेक्टर, बकरियांवाली, दलीप राणा साहित्यकार दुढियांवाली, सतनारायण सरपंच मिठीसुरेरां व प्रधान सैन मंदिर कमेटी ऐलनाबाद, सतबीर ठाकुर पूर्व प्रधान मंदिर कमेटी, सिरसा, हवा सिंह पूर्व जेई बिजली बोर्ड सिरसा, अनिल सैन महासचिव मंदिर कमेटी सिरसा व मैंबर ब्लॉक समिति, कैप्टन महाबीर सौलंकी पूर्व कैशियर मंदिर कमेटी सिरसा भी मौजूद रहे। सर्वप्रथम सभा प्रधान राजकुमार व ध्यान सिंह (पूर्व निरीक्षक हरियाणा पुलिस, सदस्य सैन समाज हरियाणा प्रदेश कोर कमेटी) ने मिलकर चौ. रणजीत सिंह चौटाला को सम्मानसूचक पगड़ी पहनाकर स्वागत किया।

उन्होंने चौ. रणजीत सिंह के राजनीतिक करियर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर ध्यान सिंह ने कहा कि महान जननायक भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के नाम से भला सादगी और सौम्यता की इस विभूति का जन्म कौन परिचित नहीं है । 24 जनवरी 2024 को बिहार के समस्तीपुर जिले के पितौजिया नामक गांव में एक साधारण कृषक नाई परिवार में हुआ। इनके पिता का नाम गोकुल सैन था। जब वर्ष 1970 में यह बिहार के मुख्यमंत्री थे तो इन्हें अपनी बेटी का रिश्ता देखने के लिए रांची में जाना था। बगैर किसी सरकारी वाहन के अपने किराए के पैसे की टैक्सी करके बेटी का रिश्ता देखने गए थे।

जब एक बार देश के प्रधानमन्त्री चौ. चरण सिंह को इनके गांव जाने का मौका मिला तो जैसे ही उनका घर में प्रवेश हुआ इनके घर की चौखट इनके सिर से लग गई। उन्होंने कहा कि कर्पूरी जी अपना घर तो बना लो, आप मुख्यमंत्री हो। इन्होंने कहा कि जब तक सारे गांव के घर नहीं बन जाते तब तक मैं अपना घर नहीं बनाऊंगा। इनकी आर्थिक तंगी को देखते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री जननायक चौ. देवीलाल ने बिहार के मुख्यमंत्री हेमवती नन्दन बहुगुणा से कहा था कि कर्पूरी ठाकुर जी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है,

उनको जब भी जरूरत हो तो 5-10 हजार रूपये दे देना, जो इसके लिए मैं कर्जदार रहूंगा, लेकिन कई बार पूछने के बाद भी उन्होंने कोई आर्थिक सहायता नहीं ली। इनकी सादगी के बहुत सारे उदाहरण देखने को मिलते हैं, जिनमें से एक जब वो मुख्यमंत्री नहीं थे तो गांव में चले गए, वहां पर कोई शादी समारोह चल रहा था। नाई की भूमिका निभाने वाला कोई नाई नहीं था तो इन्होंने खुद शादी की रस्म निभाने के लिए नाई की भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि जननायक भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर जी 17 फरवरी 1988 को प्रात: 9 बजे दिव्य ज्योति में लीन हो गए,

जिससे पूरे देश व बिहार की जनता को बहुत बड़ा आघात पहुंचा। ध्यान सिंह ने बताया कि चौ. रणजीत सिंह चौटाला ने मंत्री रहते हुए सैन सभा के मंदिर व धर्मशाला निर्माण के लिए 7 लाख रुपए की सहयोग राशि दी थी, जिससे मंदिर व धर्मशाला का निर्माण किया गया। सहयोग के लिए ही आज उनका सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। चौ. रणजीत सिंह चौटाला ने सैन समाज का सम्मान देने के लिए आभार व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि भविष्य में भी सहयाोग की जरूरत होगी तो वे अवश्य करेंगे। मंच संचालन डीएवी स्कूल डिंग मंडी के बलवंत भाटिया ने बखूबी किया।