छोटी दीपावली 2026: आज नरक चतुर्दशी पर जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और 14 दीपक जलाने का महत्व

 

 आज शनिवार यानि 7 नवंबर 2026 को छोटी दीपावली का पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को छोटी दीपावली का पर्व मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर प्रारंभ होगी और 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी। छोटी दिवाली पर पूजन और दीपदान का गोधूलि मुहूर्त शाम 05 बजकर 31 मिनट से शाम 05 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। सायाह्न संध्या मुहूर्त शाम 05 बजकर 31 मिनट से शाम 06 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। 7 नवंबर को प्रदोष काल शाम करीब 05:31 से 07:57 बजे के बीच रहेगा।

ज्योतिषचार्य पंडित लालचंद शर्मा ने बताया कि छोटी दीपावली के दिन मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने देवी-देवताओं और मनुष्यों को नरकासुर नामक राक्षस का वध करके मुक्ति दिलाई थी, इसलिए इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। कुछ स्थानों पर इसे रूप चौदस के रूप में भी मनाते हैं। इस दिन मुख्य रूप से मां लक्ष्मी, भगवान गणेश, भगवान श्रीकृष्ण और मृत्यु देवता यमराज की पूजा की जाती है। कुछ जगहों पर इस दिन मां काली और हनुमान जी की पूजा का भी विधान है। इस दिन कई लोग सूर्योदय से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में अभ्यंग स्नान भी करते हैं। अभ्यंग स्नान का अर्थ तेल मालिश से है। छोटी दिवाली के दिन लोग स्नान से पहले शरीर पर तेल और उबटन लगाते हैं और फिर विधि-विधान से स्नान करते हैं। जानें छोटी दिवाली पर घर पर कैसे करें पूजा।

ये है छोटी दीपावली पूजा विधि  
छोटी दीपावली पर पूजन मुख्य रूप से शाम के समय यानी प्रदोष काल में करना उत्तम माना जाता है। सूर्यास्त के बाद यम के नाम का दीपक जलाने का भी विशेष महत्व है। शाम को शुभ मुहूर्त में एक साफ चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं। इसमें भगवान श्रीकृष्ण, भगवान गणेश, मां लक्ष्मी की स्थापना करें। सभी देवी-देवताओं का गंगाजल से अभिषेक करें। उन्हें रोली, चंदन, कुमकुम, लाल और पीले रंग के पुष्प, अक्षत और वस्त्र अर्पित करें। अब मिठाई और फलों का भोग लगाएं। घी का दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की आरती का पाठ करें। पूजा के बाद यम का दीपक और 14 दीये जलाएं।

कहा जाता है कि छोटी दिवाली के दिन अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए सूर्यास्य के बाद या प्रदोष काल में घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मिट्टी या आटे से बना हुआ चौमुखी दीपक जलाकर यमराज के नाम पर दीपदान किया जाता है। इसके बाद एक थाली में 14 दीये रखकर उसमें सरसों का तेल भरकर प्रज्वलित करना चाहिए। हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार, छोटी दीवाली की शाम को घर के प्रत्येक कोने और चौखट पर कुल 14 दीये जलाने का विधान है। कुछ लोग श्रद्धा के अनुसार 5, 7, 11 या 13 दीये भी जलाते हैं।

छोटी दीपावली पर दीयों का कहां रखा जाता है:
छोटी दीपावली के दिन दीये मुख्य द्वार, तुलसी के पौधे के पास, रसोईघर, पूजा स्थल, छत और घर के कोनों पर रखा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मां लक्ष्मी का आगमन होता है।