मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी व बर्खास्तगी की मांग पर कांग्रेसियों का हल्ला बोल, SIRSA में फूंका पुतला

 

MAHENDRA INDIA NEWS, NEW DELHI
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी एवं बर्खास्तगी की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से वीरवार को पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हल्ला बोल प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन कांग्रेस के लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। सर्वप्रथम सभी कांग्रेसी पदाधिकारी व कार्यकर्ता कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए अंबेडकर चौक पर पहुंचे और यहां नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता और स्वतंत्रता लोकतंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में किए जा रहे बदलावों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और इनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

कांग्रेस की ओर से ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में यदि किसी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित होता है तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूचियों की पारदर्शी तरीके से समीक्षा की जाए और जिन पात्र मतदाताओं के नाम हटे हैं, उन्हें बहाल किया जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज करवाती रहेगी। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूचियों को शुद्ध करना और अपात्र, मृत या डुप्लीकेट नामों को हटाना है।

इस मौके पर डा. सुशील इन्दौरा, डा. केवी सिंह पूर्व ओएसडी, बलकौर सिंह पूर्व विधायक, नवीन केडिया, राजकुमार शर्मा, राजेश चाडीवाल, संदीप नेहरा, रणधीर सिंह, कृष्णा फोगाट, रामसिंह सोलंकी, दीपू मेहता, जग्गा बराड़, लादू राम पूनिया, सतपाल मेहता, रतन गेदर, रामकुमार खैरेकां, भूपिंदर सिंह राठौड़, मलकीत रंधावा, गजानंद सोनी, शिमला देवी, गुरनाम झाबर, इंद्र जैन, कुणाल खोड, मलकीत गंगा, सुरेंद्र बंसल, सुरेश कस्वां, कुलवंत रायपुर, उर्मिला भारद्वाज, जगतार, मंजीत लकड़ांवाली, बलविंदर नेहरा, जगदीश कंबोज, सुभाष जोधपुरिया, दलीप घोड़ांवाली, कृष्णा भांभू, अंगूरी देवी, गोल्डी मेहता, चंचल रानी, एमसी पंकज चौहान, भूपिंदर राठौड़, हरविन्दर कम्बोज, दुर्गा सिंह, बूटा सिंह, जगदीश साईं, गुरवेज सरपंच, सगन सेतिया सरपंच सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।