नियमितीकरण को लेकर गरजे कच्चे कर्मचारी, SIRSA उपायुक्त को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

 

Mahendra india news, new delhi
सिरसा। हरियाणा पंजाब हाई कोर्ट एवं सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद भी प्रदेश के लाखों  कर्मचारी पक्के होने से वंचित क्यों, इस सवाल को लेकर हजारों की संख्या में कर्मचारियों ने शहीद भगत सिंह स्टेडियम, सिरसा में इकट्ठे होकर विशाल रोष प्रदर्शन कर उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा जिला कमेटी, सिरसा के आह्वान पर शहीद भगत सिंह स्टेडियम, सिरसा में विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों एवं स्वायत्त संस्थाओं के हजारों कच्चे कर्मचारियों एवं शिक्षकों का विशाल जिला स्तरीय रोष प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान मदन लाल खोथ ने की।

प्रदर्शन के उपरांत कर्मचारियों ने जुलूस के रूप में उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर उपायुक्त महोदय, सिरसा के माध्यम से मुख्यमंत्री, हरियाणा के नाम ज्ञापन सौंपा। सभा को संबोधित करते हुए सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य महासचिव मास्टर कृष्ण नैन ने कहा कि वर्षों से कार्यरत कच्चे कर्मचारी एवं शिक्षक सरकार की रीढ़ हैं, लेकिन उन्हें आज भी नियमितीकरण तथा अन्य वैधानिक सेवा लाभों से वंचित रखा गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय तथा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों एवं सरकार की नियमितीकरण नीतियों के अनुरूप सभी पात्र कर्मचारियों एवं शिक्षकों को बिना किसी भेदभाव के नियमित किया जाना चाहिए।

उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को समाप्त कर उसके माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों सहित सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को संबंधित विभागों में समायोजित करते हुए नियमित करने, समान कार्य के लिए समान वेतन" लागू करने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आगामी आठ नो ओर दस  अगस्त को नगर पालिका एवं फायर कर्मचारी की हड़ताल  6,7 व 8 अगस्त ओर 11, 12 व 13 अगस्त को बिजली कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे । इस मौके पर बोलते हुए सीआईटीयू के जिला सचिव विजय ढुकड़ा ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे प्रदेश में और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। रिटायर्ड कर्मचारी संघ, हरियाणा के राज्य उप-प्रधान महेंद्र शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों का समाधान सरकार को प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। अखिल भारतीय किसान सभा के नेता कामरेड सुरजीत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों, किसानों और मजदूरों के संघर्ष एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। किसान सभा कर्मचारियों की न्यायपूर्ण मांगों के समर्थन में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और सरकार को शीघ्र नियमितीकरण का निर्णय लेना चाहिए।

ज्ञापन में सभी कच्चे कर्मचारियों एवं शिक्षकों को न्यायालयों के निर्णयों एवं नियमितीकरण नीतियों के आधार पर नियमित करने, एचकेआरएन को समाप्त कर कर्मचारियों को विभागों में समायोजित करने, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा सभी सेवा लाभ प्रदान करने की मांग की गई। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो पूरे हरियाणा में आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस अवसर पर मास्टर वीर सिंह, मास्टर देवेन्द्र सिंह, मनोज अठवाल, नरेश चौहान, सुखदेव सिंह (फायर), राजेश खीचड़, राजेश भाकर, अशोक पटवारी, राज कुमार शेखुपुरिया, सोहन सिंह रंधावा, अजय पासी, ललित सोलंकी, शिशपाल सोलंकी, गुलमेल सिंह, लखबीर सिंह, मास्टर दर्शन सिंह, राज कुमार गुज्जर, राहुल शर्मा, सुभाष ढाल, सोहन लाल भारूखेड़ा, सुभाष भट्टी, रमेश वर्मा, अमित कुमार, राकेश खोथ, लाल चंद, पूनम कुमार, सुशील ढिल्लों, कृष्णा देवी, सुमित्रा, पिंकी, शिमला सहित विभिन्न विभागों एवं संगठनों के अनेक पदाधिकारी और हजारों कर्मचारी उपस्थित रहे।