सिरसा में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, 50 हजार रुपये जुर्माना

 

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सिरसा, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया कि यदि दोषी निर्धारित जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला वर्ष 2022 का है। 30 जनवरी 2022 को पीड़िता के भाई ने थाना सदर सिरसा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बहन बिना बताए घर से चली गई है।

परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। शिकायत मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने नाबालिग को बरामद किया और महिला पुलिस अधिकारी तथा महिला अधिवक्ता की उपस्थिति में न्यायालय में उसके बयान दर्ज कराए। पीड़िता ने बताया कि गांव की एक परिचित महिला ने उसे अपनी मौसी के लड़के के साथ भेज दिया था। आरोप है कि युवक ने शादी का झांसा देकर उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।

इसके बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर मामले में दुष्कर्म सहित अन्य संबंधित धाराएं जोड़ी गईं। पुलिस ने जांच के दौरान सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी प्रगट सिंह उर्फ मोंटू, निवासी मुक्तसर साहिब (पंजाब), को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।