असमय बारिश और ओलावृष्टि से जिले के कई गांवों में फसलें बर्बाद: लखविंदर सिंह औलख

 

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बे-मौसमी बारिश और ओलावृष्टि से रानियां ब्लॉक के गांव रानियां, नानूआना, धोतड़, सुल्तानपुरिया, अभोली, नकोड़ा, नगराना, मोहम्मदपुरिया, बालासर, ढोलियांवाली, बारूवाली-1, भरोखां, संगर-साधा और दड़बी सहित सिरसा जिले के कई अन्य गांवों में पकी हुई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस प्राकृतिक आपदा को लेकर भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने रानियां ब्लॉक के गांव नानूआना में पीडि़त किसानों के खेतों का दौरा कर ओलावृष्टि से बर्बाद हुई धान की पकी फसलों का जायजा लिया।

इस दौरान किसान कुलदीप सिंह, अंग्रेज सिंह और शेरबाज सिंह के खेतों की स्थिति देखते हुए औलख ने कहा कि ओलावृष्टि की मार से धान की फसल की बालियां पूरी तरह झड़ चुकी हैं और उत्पादन बहुत कम रहेगा। प्रशासन और सरकार की अनदेखी पर तंज कसते हुए औलख ने कहा कि अगर किसान खेत में चाय बनाने के लिए जरा सी आग भी जलाता है, तो सैटेलाइट और पूरा प्रशासनिक अमला (कृषि विभाग, राजस्व विभाग, प्रदूषण विभाग और पुलिस)कुछ ही मिनटों में खेत में पहुंच जाता है। लेकिन इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा और ओलावृष्टि से किसानों की मेहनत बर्बाद होने के बाद भी अभी तक फसलों का जायजा लेने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। औलख ने खराबे से प्रभावित किसानों को आगाह करते हुए बताया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करवाया हुआ है,

वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करके अपने नुकसान की शिकायत दर्ज करवाएं। वहीं जिन किसानों ने बीमा नहीं करवाया है, राजस्व विभाग मौके का गिरदावरी/आकलन करेगा। यदि नुकसान 25 प्रतिशत से अधिक पाया जाता है तो सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाएगा। इस मौके पर गांव नानूआना के किसान अंग्रेज सिंह, शेरबाज सिंह, जोबनप्रीत सिंह, हरजिंदर सिंह, इंद्रजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, हरप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह और रामजीत सिंह सहित अन्य ग्रामीण एवं किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


बर्बाद फसलों का मिले उचित मुआवजा, 27 अक्तूबर को सौंपेंगे ज्ञापन
औलख ने बताया कि फसलों के उचित मुआवजे की मांग को लेकर 27 अक्टूबर को भारतीय किसान एकता (बीकेई) द्वारा जिला उपायुक्त सिरसा के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम एक मांग पत्र सौंपा जाएगा। जिसमें मुख्य मांग रहेगी कि प्रभावित गांवों का तुरंत सर्वे करवाकर क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए ताकि गैर-बीमित किसान अपने नुकसान का ब्योरा दर्ज करवा सकें। वहीं औलख ने याद दिलाया कि रबी (2025-26) में ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों, जौ आदि फसलों के हुए नुकसान का मुआवजा भी अभी तक किसानों को जारी नहीं किया गया है, जिसे तुरंत जारी किया जाना चाहिए।

 

पटवारी की गलत वेरिफिकेशन से और बढ़ेगी किसानों की समस्या

किसान नेता ने बताया कि जिले के कई गांवों में किसानों को फसल ऑनलाइन के आंकड़ों में मिस मैच के चलते ओलावृष्टि के हुए फसलों के नुकसान से और आफत खड़ी होगी। क्योंकि पटवारी की गलत वेरिफिकेशन से फसलें पहले ही नहीं बिक रही। वहीं इस बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का क्लेम भी किसानों को नहीं मिल पाएगा। उन्होंने मांग उठाई कि प्रदेश सरकार तुरंत पोर्टल खोलकर मिस मैच आंकड़ों को दुरुस्त करवाने के साथ-साथ नुकसान की रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए उचित कदम उठाए ताकि किसानों को दोहरी मार से कुछ राहत मिल सके।