बीएलओ से मारपीट मामले में एसपी से मिले गांव नाथूसरी कलां के समस्त गांववासी, बोले महिला ने अध्यापक की झूठी शिकायत 

 

mahendra india news, new delhi

चुनाव ड्यूटी के दौरान जेबीटी शिक्षक हरपाल सिंह के साथ ड्यूटी के दौरान हुई मारपीट व दुर्व्यवहार के संबंध में गांव नाथूसरी कलां व चौपटा के ग्रामीणों ने एसपी सिरसा दीपक सहारण से मिले।  पुलिस अधभ्ीक्षक को ग्रामीणों ने बताया कि 2 दिन बाद अध्यापक पर दबाव बनाने के लिए आरोपी की पत्नी के द्वारा एक झूठी शिकायत सिरसा के महिला थाना में की गई है, जो कि पूर्णत: झूठी और मनगढ़ंत है, यह कुकृत्य इस मामले को और भी ग भीर व दुर्भाग्यपूर्ण बनाता है।


गांव में हुए एकत्रित 
इससे पहले गांव के ग्रामीण गांव के मैन चौक में ठाकुर जी मंदिर के पास एकत्रित हुए। इसके बाद ग्रामीण महिला थाना प्रभारी सुनीता से मिला। वहीं ग्रामीण एसपी दीपक सहारण से मिले। गांव के सरपंच प्रतिनिधि जगतपाल कासनियां, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, पूर्व सरपंच रणजीत कासनियां, पूर्व सरपंच प्रदीप सिंह, सुरेंद्र कासनियां, बलराम कासनियां, अनिल कासनियां,  मास्टर पाला राम, अनिल कुमार, बंसीलाल, नेकी राम, मांगेराम नाई, जेपी कड़वासरा, सेठी कासनियां ने बताया कि  2 दिन बाद अध्यापक पर दबाव बनाने के लिए आरोपी की पत्नी के द्वारा एक झूठी शिकायत सिरसा के महिला थाना में की गई है, जिसमेें महिला ने छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। जो कि पूर्णत: झूठी और मनगढ़ंत है, यह कुकृत्य इस मामले को और भी ग भीर व दुर्भाग्यपूर्ण बनाता है।

 

 

उन्होंने बताया कि पीडि़त शिक्षक हरपाल सिंह, नाथूसरी चौपटा, भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार बूथ नंबर 73, नाथूसरी कलां में मतदाताओं के घर-घर जाकर एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत फॉर्म वितरित करने और उन्हें ऑनलाइन करने की सरकारी ड्यूटी का निष्पादन अत्यंत निष्ठापूर्वक कर रहे थे। 10 जुलाई को समय लगभग 11:00 बजे जब वह अपने सहायक दीपक कुमार के साथ सरकारी कार्य के तहत मतदाताओं के घर गए हुए थे, तब आरोपी धर्मवीर मोठिया निवासी नाथूसरी कलां, सिरसा) ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि शिक्षक के साथ अत्यधिक अभद्र व अमर्यादित दुर्व्यवहार किया। इसके बाद आरोपी द्वारा शिक्षक हरपाल सिंह के साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। इस संबंध में पुलिस थाना नाथूसरी चौपटा में आरोपी धर्मवीर मोठिया के खिलाफ एफआईआर नंबर 0149 (दिनांक 10/07/2026) के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया जा चुका है। 

उन्होंने कहा कि चुनाव जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील राष्ट्रीय कार्य में लगे एक शिक्षक के साथ सरेआम इस प्रकार की मारपीट और गुंडागर्दी की घटना से समस्त ग्रामीणों में भारी रोष, भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त है। यदि राष्ट्र निमार्ता और निर्वाचन अधिकारी ही ऑन ड्यूटी सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो कोई भी शिक्षक निर्भिक होकर शासकीय कर्तव्यों का पालन नहीं कर पाएगा। उक्त घटना के 2 दिन बाद अध्यापक पर दबाव बनाने के लिए आरोपी के परिवार विशेषकर उसकी पत्नी के द्वारा एक झूठी शिकायत सिरसा के महिला थाना में की गई है, जो कि पूर्णत: झूठी और मनगढ़ंत है, यह कुकृत्य इस मामले को और भी ग भीर व दुर्भाग्यपूर्ण बनाता है। अत: राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ आपसे न्यायोचित मांग करता है कि सरकारी कर्मचारी पर ड्यूटी के दौरान हमला करने वाले व उल्टा उन्हीं अध्यापक पर झूठी शिकायत करने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी असामाजिक तत्व सरकारी कर्मचारी को निशाना बनाने की हि मत न कर सके।