पाक में गुरुद्वारा साहिब की विरासत को गिराना निंदनीय: अमरीक सिंह राही
mahendra india news, new delhi
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में 125 साल पुराने ऐतिहासिक गुरुद्वारे को गिराए जाने की घटना पर देश-विदेश के सिख नेताओं और भारत सरकार ने कड़ा विरोध जताया है। सिख बुद्धिजीवियों और नेताओं, जिनमें अमरीक सिंह राही भी शामिल हैं, ने इसे सिख विरासत और आस्था पर एक गंभीर और कायरतापूर्ण हमला बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
अमरीक सिंह राही ने कहा कि यह घटना लाहौर के पास फरूखाबाद में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब में हुई है, जहां 24 जून की रात को एक स्थानीय कारोबारी/भू-माफिया ने बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के जमीन हड़पने के इरादे से गुरुद्वारे के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब केवल सिखों का नहीं, बल्कि मानवता की सांझी धरोहर है।
पाकिस्तान में गुरुद्वारों व मंदिरों पर कब्जे, उनकी जायदादों पर अतिक्रमण करना और हमारी हिंदू सिख विरासत को नुकसान पहुंचाना महापाप है। यह गुरुद्वारा सिंह सभा आंदोलन के समय की एक ऐतिहासिक धरोहर है और सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी से जुड़े 'गुरुद्वारा सच्चा सौदा साहिब' के नजदीक स्थित है। दुनिया भर को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए और पाकिस्तान सरकार को गुरुद्वारा साहिब को पुन: स्थापित करवाना चाहिए।