मानवता की मिसाल बने डेरा सच्चा सौदा के सेवादार, सड़क से चारे के गट्ठर हटाकर सुरक्षित किया सफर
Dera Sacha Sauda volunteers set an example of humanity by clearing bundles of fodder from the road, ensuring safe travel
mahendra india news, new delhi
सिरसा। मंगलवार तड़के जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, उस समय राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर एक संभावित हादसा चुपचाप अपना इंतजार कर रहा था। ओढ़ां क्षेत्र के समीप सड़क पर बड़ी संख्या में चारे (पराली) के गट्ठर बिखरे पड़े थे। अंधेरा होने और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही के बीच यह किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता था। लेकिन इसी दौरान वहां से गुजर रहे डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने मानवता और जिम्मेदारी का ऐसा परिचय दिया कि संभावित हादसा होने से पहले ही टल गया।
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की प्रेरणा से ब्लॉक मसीतां के गांव अलीकां के शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी और एमएसजी आईटी विंग के सेवादार सिरसा से डबवाली की ओर जा रहे थे। सुबह करीब चार बजे जैसे ही उनकी नजर सड़क पर बिखरे चारे के गट्ठरों पर पड़ी, उन्होंने बिना देर किए अपना वाहन रोक दिया।
उस समय उनका उद्देश्य केवल अपनी मंजिल तक पहुंचना नहीं था, बल्कि उन अनजान लोगों की सुरक्षा भी थी जो कुछ ही देर बाद उसी रास्ते से गुजरने वाले थे। सभी सेवादार तुरंत सड़क पर उतर आए और एक-एक कर सभी गट्ठरों को हटाकर सड़क के किनारे सुरक्षित स्थान पर रख दिया। कुछ ही मिनटों की इस सेवा ने एक बड़े हादसे की आशंका को समाप्त कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर इस तरह का कोई भी अवरोध कई बार गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन जाता है। ऐसे में सेवादारों की सतर्कता और संवेदनशीलता ने न केवल सड़क को सुरक्षित बनाया, बल्कि यह भी साबित किया कि समाज के प्रति जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी होती है।
राहगीरों ने की सराहना
घटना के दौरान वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने सेवादारों के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि अगर हर व्यक्ति ऐसी जिम्मेदारी निभाए तो सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि बिना किसी पहचान या स्वार्थ के दूसरों की सुरक्षा के लिए किया गया यह प्रयास वास्तव में मानवता की मिसाल है।
इन सेवादारों ने निभाई जिम्मेदारी
इस सेवा कार्य में जवाला इन्सां, फूल कुमार इन्सां, सागर इन्सां, गुरप्रीत (निमी) इन्सां तथा गुरप्रीत इन्सां ने सक्रिय भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर सड़क को सुरक्षित बनाया और आने-जाने वाले लोगों के लिए जोखिम को समाप्त किया।