अनुशासन सफलता की कुंजी - डॉ. जयप्रकाश

विदाई समारोह ‘सयोनारा’ का आयोजन

 
 सिरसा, 28 अप्रैल 2026।

जननायक चौ. देवीलाल विद्यापीठ में स्थित जननायक चौ. देवीलाल शिक्षण महाविद्यालय, सिरसा में बी.एड. व एम.एड. प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने बी.एड. एवं एम.एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह ‘सयोनारा’ का आयोजन किया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश उपस्थित रहे। इस अवसर पर उनके साथ विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. सुधांशु गुप्ता के अलावा प्राचार्यगण डॉ. अरिन्दम सरकार, डॉ. रोशन लाल, रणजीत सिंह, जेसीडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के कोऑर्डिनेटर इंजीनियर आर. एस. बराड़, डॉ. प्रदीप कबोज, डॉ. अमरीक सिंह गिल, डॉ. राजेन्द्र कुमार, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. सतनारायण, डॉ. सुषमा हुड्डा, डॉ. कंवलजीत, प्रीति, संदीप कुमार, बलविंदर कुमार, शालिनी, मंगत राम, लवलीन सहित महाविद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। डॉ. राजेन्द्र कुमार ने मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहता है, तो उसे अपने कार्य के प्रति सदैव ईमानदार और अनुशासित रहना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी आगे भी इसी लगन और मेहनत के साथ अपने कार्य करते रहेंगे, ऊंचाइयों को स्पर्श करेंगे और विद्यापीठ का नाम रोशन करेंगे।


मुख्य अतिथि डॉ. जयप्रकाश ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। अनुशासन एक ऐसी कुंजी है, जो सपनों को हकीकत में बदलने का कार्य करती है। यह समय प्रबंधन, नियमित प्रयास और आत्म-नियंत्रण के माध्यम से लक्ष्यों को सरल बनाता है। अनुशासित जीवन से एकाग्रता बढ़ती है, प्रतिकूल परिस्थितियों में भी प्रगति संभव होती है और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, जिससे सफलता सुनिश्चित होती है।

उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास, कठिन परिश्रम और स्व-अनुशासन के माध्यम से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे जीवन में आगे बढ़ें और पूरे देश में अपने माता-पिता तथा विद्यापीठ का नाम रोशन करें। उन्होंने विद्यार्थियों को परीक्षा में धैर्य, लगन और मेहनत के साथ सर्वोत्तम प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया तथा विश्वविद्यालय परीक्षाओं के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षित व्यक्ति का सबसे बड़ा गुण अनुशासन होता है। यदि जीवन में अनुशासन नहीं है, तो व्यक्ति शिक्षित कहलाने के योग्य नहीं है।

विदाई समारोह ‘सयोनारा’ में छात्र-छात्राओं द्वारा सुरीले गीत, मनमोहक नृत्य तथा अनेक आकर्षक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। मॉडलिंग राउंड के दौरान बेहतरीन परिधानों में सजे सीनियर्स ने शान और आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया और सभी को प्रभावित किया। यह केवल फैशन का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि उनके जीवन के अगले चरण में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की उनकी तत्परता का प्रतीक भी था।
अंत में निर्णायक मंडल द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के परिणाम घोषित किए गए। बी.एड. स्पेशल से मिस्टर फेयरवेल अमन एवं मिस फेयरवेल अंजू, मिस्टर स्पेशल पुनित तथा मिस स्पेशल रानी चुने गए। एम.एड. से मिस फेयरवेल पूजा बंसल और मिस एम.एड. तानिया रहीं। बी.एड. सामान्य से मिस्टर फेयरवेल आकाश सोनी एवं मिस फेयरवेल भारती घोषित किए गए। इसके अतिरिक्त मिस्टर बी.एड. पंकज, मिस बी.एड. ऋतिका, मिस्टर अटायर पंकज, मिस अटायर खुशबू, मिस पर्सनालिटी सुमन, मिस्टर पर्सनालिटी आशीष, मिस टैलेंटेड हरविंदर कौर तथा मिस्टर टैलेंटेड हरप्रीत सिंह को सम्मानित किया गया।