गांव कैरांवाली के किसान की बेटी डॉ. लक्ष्मी सिद्धू बनी गांव की पहली सहायक प्रोफेसर, कामयाबी का श्रेय गुरु संत डॉ. एम.एस.जी को दिया

 
mahendra india news, new delhi 

हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्रोफेसर हिंदी के पदों के लिए जारी अंतिम परीक्षा परिणाम में नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव कैरांवाली निवासी किसान विनोद कुमार सिद्धू की बेटी डॉ. लक्ष्मी सिद्धू का सहायक प्रोफेसर (हिंदी) पद पर चयन हुआ है। अपने गांव कैंरावाली की पहली सहायक प्रोफेसर बनकर डॉ. लक्ष्मी सिद्धू ने इतिहास रच दिया है। 

लक्ष्मी की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार को बल्कि सारे गांव को गर्व महसूस हो रहा है। ग्रामीण आंचल में पली-बढ़ी लक्ष्मी ने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने गुरु संत डॉ. एम.एस.जी, अपने माता-पिता, गुरुजनों, बहन-भाइयों एवं सहयोगी स्टॉफ सदस्यों को दिया है। परिवार के सदस्यों के असीम सहयोग की बदौलत वे अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ सकीं। लक्ष्मी ने जे.बी.टी, एचटेट, सीटेट, रीट, एम.ए. हिंदी, नेट-जेआरएफ और पीएचडी जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त करके अपने लक्ष्य को हासिल किया है। प्रोफेसर पद पर चयन से पहले लक्ष्मी चौ. के. आर.एम. महाविद्यालय जमाल में कार्यकारी प्रिंसिपल एवं असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में सेवाएं दे रही थी।

लक्ष्मी की इस कामयाबी से ग्रामीण क्षेत्र की लड़कियों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित होंगी। उन्होंने इस उपलब्धि के माध्यम से यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिवार का सहयोग मिले तो कोई भी बाधा कामयाबी के मार्ग में रुकावट नहीं बन सकती।