बीएसडब्ल्यू विद्यार्थियों की अगुवाई में चौधरी लाल विश्वविद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता रैली का आयोजन

 

 चौधरी लाल विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रैजुएट स्टडी (USGS) के अंतर्गत बैचलर ऑफ सोशल वर्क (BSW) के विद्यार्थियों द्वारा आज विश्वविद्यालय परिसर में नशा मुक्ति जागरूकता रैली का सफल आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर विजय कुमार के मार्गदर्शन एवं यूएसजीएस के अधिष्ठाता प्रोफेसर मोहम्मद काशिफ किदवई के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के आयोजन में सोशल वर्क विभाग के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। रैली की शुरुआत विश्वविद्यालय परिसर से हुई, जिसमें बीएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यार्थियों ने अपने हाथों में हस्तलिखित पोस्टर, तख्तियां और बैनर लेकर नशा मुक्ति से संबंधित प्रभावशाली संदेश प्रदर्शित किए। “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “स्वस्थ युवा, सशक्त राष्ट्र” जैसे नारों के साथ उन्होंने पूरे परिसर में जागरूकता का वातावरण बनाया। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विभागों, कक्षाओं और सार्वजनिक स्थानों पर जाकर अन्य छात्रों से संवाद किया और उन्हें नशे के दुष्प्रभावों—जैसे शारीरिक क्षति, मानसिक तनाव, पारिवारिक विघटन और सामाजिक पतन—के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने यह भी समझाया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके भविष्य और समाज के विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।

इस अवसर पर विद्यार्थियों को नशा न करने एवं दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। यूएसजीएस की समन्वयक डॉ. ज्योति सांगवान ने विद्यार्थियों को शपथ दिलाते हुए कहा कि युवा वर्ग यदि संकल्प ले ले, तो समाज से नशे जैसी बुराई को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व सोशल वर्क विभाग के प्राध्यापकों सुनील सैनी, मिस ललिता एवं नरेंद्र ढुल द्वारा किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती हैं,

समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। रैली में विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे कार्यक्रम का प्रभाव और व्यापक हुआ। पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और सामाजिक चेतना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। इस प्रकार, यह नशा मुक्ति जागरूकता रैली न केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित रही, बल्कि समाज में एक सशक्त संदेश देने में भी सफल रही कि युवा पीढ़ी नशे के विरुद्ध जागरूक है और एक स्वस्थ, सशक्त तथा नशामुक्त भारत के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।