पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आज से मौसम में बदलाव, इन प्रदेशों में होगी बरसात

 
mahendra india news, new delhi
मौसम में आज शुक्रवार यानि 6 फरवरी 2026 को भी बदलाव रहने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसका अक्ष समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी ऊंचाई पर, 51ए पूर्व देशांतर के आसपास और 24ए उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है।



हरियाणा प्रदेश की बात करें तो मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक 6 व 9 फरवरी को दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। मगर दोनों के असर से बरसात की संभावना काफी कम है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ गुजरने के बाद वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ी है। इस नमी के कारण ऊपरी सतह पर बादल बन रहे हैं लेकिन इनके असर से बारिश नहीं होती। वहीं जहां हवा शांत बनी हुई है, वहां कोहरा छा जाता है।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है, जो समुद्र तल से लगभग 1.5 किमी तक फैला है। दक्षिण केरल और आसपास के क्षेत्र पर बना चक्रवाती परिसंचरण अब उत्तर केरल और आसपास के इलाकों पर स्थित है, जिसकी ऊंचाई भी लगभग 1.5 किमी है।


एक ट्रफ केरल से कर्नाटक तट तक फैली हुई है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 8 फरवरी की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा।


मौसम की संभावित गतिविधि
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान, 5 और 6 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं हल्की बरसात और बर्फबारी हो सकती है।


9 और 10 फरवरी को इन ही पहाड़ी राज्यों में कहीं-कहीं से लेकर कई स्थानों पर बरसात और बर्फबारी के साथ गरज-चमक की गतिविधियां भी संभव हैं। 6 फरवरी को उत्तराखंड के कुछ इलाकों में जमीन पर पाला पडऩे की संभावना है।

नोट : यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हमारे द्वारा मौसम की जानकारी हमेशा वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। आपको बता दें कि यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।