HARYANA में नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को अटैच करने और नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर जोर

 

mahendra india news, new delhi
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने आज पुलिस मुख्यालय, पंचकूला में प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में नशा तस्करो के नेटवर्क तोड़ने सहित कई अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

DGP ने नशा तस्करों के नेटवर्क पर प्रहार करने के निर्देश
बैठक में नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी विस्तार से समीक्षा की गई। डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि नशे को जड़ से समाप्त करना हरियाणा पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी जिलों को गंभीरता के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा तस्करों द्वारा अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें नियमानुसार अटैच करने तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केवल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क और वित्तीय स्रोतों पर प्रहार करना भी आवश्यक है। 

नशा तस्करी के संगठित गिरोहों के नेटवर्क को ध्वस्त करने पर रहेगा विशेष फोकस: संजय कुमार
बैठक में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) की पुलिस अधीक्षक सृष्टि गुप्ता ने प्रदेश में नशा तस्करी की रोकथाम एवं नशे के खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने एनडीपीएस एक्ट के तहत की जा रही जांच, कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों, संगठित नशा तस्करी गिरोहों की पहचान तथा के-9 डॉग स्क्वॉड के माध्यम से नशे का पता लगाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

वहीं, HSNCB के प्रमुख एवं एडीजीपी संजय कुमार ने नशा तस्करी पर अंकुश लगाने में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए अधिकारियों को पूरी गंभीरता एवं सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि नशा तस्करी में संलिप्त संगठित गिरोहों के नेटवर्क की पहचान कर उन्हें तोड़ने के लिए समय-समय पर प्रभावी कार्रवाई करना आवश्यक है। नशा एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, जिसके उन्मूलन के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए|

उन्होंने नशे के उत्पादन, तस्करी और वितरण में संलिप्त संगठित गिरोहों के पूरे नेटवर्क की पहचान कर उसे ध्वस्त करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या गिरोह के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।उन्होंने कहा कि ANTF की कार्यप्रणाली की शीघ्र समीक्षा की जाएगी तथा जिला स्तर पर उसके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने, जनसहभागिता सुनिश्चित करने और सूचना तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।


- गैंगस्टर नेटवर्क और फिरौती की धमकियों पर प्रभावी कार्रवाई
डीजीपी ने कहा कि फिरौती के लिए आने वाली धमकियों और संगठित अपराध से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना आवश्यक है। इसके लिए अपराधियों के संपर्कों, उनके नेटवर्क, युवाओं की भर्ती के तरीकों और आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा रहे संचार माध्यमों का विश्लेषण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर संस्कृति को किसी भी सूरत में बढ़ावा नहीं मिलने दिया जाएगा और इसके विरुद्ध सुनियोजित रणनीति के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने अपराधियों के आपसी संपर्कों और नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जेलों में बंद अपराधियों के बीच होने वाले संपर्कों पर भी प्रभावी निगरानी रखी जानी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि आपराधिक नेटवर्क के विस्तार को रोका जा सके। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई अपराधी या गैंगस्टर पुलिस पर हथियार से हमला करता है, तो उसके विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।

- सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर
डीजीपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण और आपराधिक मामलों को सुलझाने में सीसीटीवी कैमरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश में अब तक लगभग 1.25 लाख सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि होटल, ज्वेलरी शॉप, बैंक, आरडब्ल्यूए, मार्केट और अन्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर सड़क की ओर मुंह करके सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए संबंधित संस्थानों के साथ समन्वय किया जाए। इससे अपराधियों की पहचान करने और आपराधिक घटनाओं की जांच में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

महिला एवं बाल सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर विशेष ध्यान

बैठक में महिलाओं के विरुद्ध अपराध, गुमशुदा बच्चों की तलाश, धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा अन्य संवेदनशील मुद्दों पर भी चर्चा की गई। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जाए तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार रखी जाए।