HARYANA NEWS, ग्रामीण बाजार, अपनी मंडी और प्रत्यक्ष बाजार करें स्थापित, 10 लाख रुपये तक की मिलेगी सहायता
Apr 14, 2026, 05:49 IST
mahendra india news, new delhi
उद्यान विभाग Hryana द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के तहत आकर्षक अनुदान सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य बाजार संरचना को मजबूत करना, किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना है।
विभाग द्वारा ग्रामीण बाजार, अपनी मंडी और प्रत्यक्ष बाजार स्थापित करने के लिए किसानों को 25 लाख रुपये की इकाई लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति परियोजना की सहायता निर्धारित की गई है। इसी प्रकार, वातानुकूलित खुदरा बाजार/आउटलेट स्थापित करने के लिए 20 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत पर 35 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत प्रति परियोजना 7 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध होगी, जो बैंक ऋण से जुड़ी होगी।
इसके अलावा, मोबाइल वेंडिंग कार्ट और प्लेटफॉर्म सहित सेटअप के लिए 30 हजार रुपये प्रति इकाई लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति यूनिट की सहायता तय की गई है। विभाग द्वारा रिटेल काउंटर के साथ एकीकृत पैक हाउस स्थापित करने के लिए भी सहायता दी जा रही है। इस योजना में 20 लाख रुपये की लागत (3 मीट्रिक टन की लोडिंग क्षमता के साथ) पर 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें 7 लाख रुपये प्रति परियोजना की सीमा निर्धारित है।
गुणवत्ता जांच लैब स्थापित करने पर 100% तक अनुदान, निजी क्षेत्र को भी मिलेगा बड़ा लाभ
गुणवत्ता नियंत्रण और विश्लेषण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस योजना के तहत दो करोड़ रुपये की लागत पर सार्वजनिक क्षेत्र को 100 % तथा निजी क्षेत्र को 50 %(अधिकतम एक करोड़ रुपये तक) सहायता दी जाएगी। यह प्रयोगशालाएं अवशेष स्तरों की जांच के लिए स्थापित की जाएंगी और इन्हें PPP मोड में भी संचालित किया जा सकता है।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने कहा कि उद्यान विभाग की ये योजनाएं किसानों के लिए बेहद लाभकारी हैं। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के जरिए किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी आय में वृद्धि करें।
उद्यान विभाग Hryana द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं के तहत आकर्षक अनुदान सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य बाजार संरचना को मजबूत करना, किसानों को सीधे बाजार से जोड़ना और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार करना है।
विभाग द्वारा ग्रामीण बाजार, अपनी मंडी और प्रत्यक्ष बाजार स्थापित करने के लिए किसानों को 25 लाख रुपये की इकाई लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 10 लाख रुपये प्रति परियोजना की सहायता निर्धारित की गई है। इसी प्रकार, वातानुकूलित खुदरा बाजार/आउटलेट स्थापित करने के लिए 20 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत पर 35 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस योजना के तहत प्रति परियोजना 7 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध होगी, जो बैंक ऋण से जुड़ी होगी।
इसके अलावा, मोबाइल वेंडिंग कार्ट और प्लेटफॉर्म सहित सेटअप के लिए 30 हजार रुपये प्रति इकाई लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें अधिकतम 15 हजार रुपये प्रति यूनिट की सहायता तय की गई है। विभाग द्वारा रिटेल काउंटर के साथ एकीकृत पैक हाउस स्थापित करने के लिए भी सहायता दी जा रही है। इस योजना में 20 लाख रुपये की लागत (3 मीट्रिक टन की लोडिंग क्षमता के साथ) पर 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें 7 लाख रुपये प्रति परियोजना की सीमा निर्धारित है।
गुणवत्ता जांच लैब स्थापित करने पर 100% तक अनुदान, निजी क्षेत्र को भी मिलेगा बड़ा लाभ
गुणवत्ता नियंत्रण और विश्लेषण प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस योजना के तहत दो करोड़ रुपये की लागत पर सार्वजनिक क्षेत्र को 100 % तथा निजी क्षेत्र को 50 %(अधिकतम एक करोड़ रुपये तक) सहायता दी जाएगी। यह प्रयोगशालाएं अवशेष स्तरों की जांच के लिए स्थापित की जाएंगी और इन्हें PPP मोड में भी संचालित किया जा सकता है।
जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने कहा कि उद्यान विभाग की ये योजनाएं किसानों के लिए बेहद लाभकारी हैं। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के जरिए किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपनी आय में वृद्धि करें।