सी टी स्कैन और एमआरआई का प्रयोग करते वक्त रखें सावधानी: इंजी. मोनिका
Exercise caution while using CT scan and MRI: Engineer Monica
सिरसा। आधुनिकता के साथ-साथ मेडिकल उपकरणों में भी बदलाव आया है। तकनीकी उकपरण आने से जहां सुविधा भी हुई है, वहीं उपकरणों के प्रति कुछ सावधानियां बरतने की भी आवश्यकता है। इंजी. मोनिका ने बताया कि सी टी स्कैन (कम्प्यूटीड टोमोग्राफी स्कैन) एक आधुनिक मेडिकल इमेजिंग तकनीक है, जो एक्सरे किरणों और कंप्यूटर की सहायता से शरीर के अंदरूनी अंगों की क्रॉस-सेक्शनल तस्वीरें बनाती है। यह सामान्य एक्सरे की तुलना में अधिक स्पष्ट और विस्तृत जानकारी देता है। मरीज को एक मशीन के अंदर ले जाया जाता है। मशीन शरीर के चारों ओर घूमकर कई एक्सरे इमेज लेती है। कंप्यूटर इन इमेज को जोड़कर 3डी तस्वीर तैयार करता है।
सी टी स्कैन के प्रमुख उपयोग:
सी टी स्कैन मस्तिष्क के रोगों जैसे कि ब्रेन स्ट्रोक, छाती के रोगों जैसे कि फेफड़ों का संक्रमण, टीबी, लंग कैंसर, कोविड-19 संक्रमण की जांच, पेट के रोगों जैसे कि किडनी स्टोन, लीवर रोग, हड़ियों के रोगों के फ्रैक्चर, रीढ़ की हड्डी की चोट का पता लगाने के काम आता है। सी टी स्कैन की जांच बहुत तेज होती है। इमरजेंसी में उपयोग के लिए ये बेहतर विकल्प है।
सी टी स्कैन के नुकसान:
इंजी. मोनिका ने बताया कि सी टी स्कैन में एक्सरे रेडिएशन का उपयोग होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानी आवश्यक है। बार-बार सी टी स्कैन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
एमआरआई स्कैन क्या है?
इंजी. मोनिका ने बताया कि एमआरआई स्कैन एक ऐसी तकनीक है, जिसमें शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग करके शरीर की विस्तृत तस्वीरें बनाई जाती हैं। इसमें एक्सरे रेडिएशन का उपयोग नहीं होता। मरीज को एक बड़े चुंबकीय मशीन के अंदर ले जाया जाता है। मशीन शरीर के हाइड्रोजन परमाणुओं पर चुंबकीय प्रभाव डालती है। रेडियो वेव्ज की सहायता से संकेत प्राप्त किए जाते हैं। कंप्यूटर इन संकेतों को इमेज में बदल देता है। एमआरआई स्कैन मस्तिष्क के रोगों जैसे कि ब्रेन ट्यूमर ,अल्जाइमर, स्पाइन के रोगों स्लिप डिस्क, नस दबना, स्पाइनल इंजरी, जोड़ों व मांसपेशियों के रोगों लिगामेंट चोट, घुटने की समस्या, एवं हार्ट व ब्लड वेसल्स के रोगों जैसे कि हृदय रोग, ब्लॉकेज की जांच के काम आता है। एमआरआई स्कैल में रेडिएशन नहीं होता। सॉफ्ट टिस्यूज की स्पष्ट इमेज मिलती है। ब्रेन और स्पाइनल कोर्ड की जांच में एमआरआई अत्यंत प्रभावी है ।
एमआरआई स्कैन के नुकसान:
जांच में अधिक समय लगता है। मशीन से आवाज आती है, अधिक महंगा होता है, शरीर में मेटल इंप्लांट होने पर समस्या हो सकती है।
इंजी. मोनिका ने बताया कि सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन आधुनिक चिकित्सा में अत्यंत महत्वपूर्ण इमेजिंग तकनीकें हैं। दोनों का उद्देश्य शरीर के अंदर की समस्याओं का सही पता लगाना है, लेकिन इनके उपयोग और कार्य करने की विधि अलग-अलग होती है। सही बीमारी के अनुसार डॉक्टर उचित स्कैन का चयन करते हैं, जैसे कि इमरजेंसी, दुर्घटना, रक्तस्राव में सी टी स्कैन, ब्रेन, नर्व, मांसपेशियां व स्पाइरल कोर्ड में एमआरआई स्कैन, कैंसर की विस्तृत जांच में दोनों का उपयोग, हड्डी टूटन पर सी टी स्कैन और लीगामेंट इंजरी में एमआरआई स्कैन की सलाह देते हैं।