CDLU में विशेषज्ञ की सीख: कोडिंग से आगे बढ़कर समस्या समाधान पर ध्यान दें विद्यार्थी

 

mahendra india news, new delhi
 चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज के कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा ‘द डेवलपर्स जर्नी: फ्रॉम राइटिंग कोड्स टू सॉल्विंग प्रॉब्लम्स’ विषय पर विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया। कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशानिर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में टाटा वन एमजी, गुरुग्राम के सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर शैलेन्द्र कुमार मुख्य वक्ता रहे, जबकि यूएसजीएस के डीन प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

मुख्य वक्ता शैलेन्द्र कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि एक सफल सॉफ्टवेयर डेवलपर का कार्य केवल कोड लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक समस्याओं को समझना, उनका विश्लेषण करना और प्रभावी समाधान विकसित करना भी उतना ही महत्त्वपूर्ण है। उन्होंने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की व्यावहारिक प्रक्रिया, कोड की गुणवत्ता, त्रुटियों की पहचान, एल्गोरिदम के उपयोग तथा उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी कौशल विकसित करने पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को तार्किक सोच, रचनात्मकता, टीमवर्क और प्रभावी संचार क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. मोहम्मद काशिफ किदवई ने कहा कि कंप्यूटर एप्लिकेशन और डेटा साइंस के क्षेत्र में प्रोग्रामिंग, डेटा विश्लेषण, ऑटोमेशन तथा समस्या समाधान की विशेष महत्ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऐसे व्याख्यानों का लाभ उठाकर अपने सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक कौशल में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के उपयोगी कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम में बीसीए एवं बीएससी डेटा साइंस के विद्यार्थियों ने भाग लिया और प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान विशेषज्ञ से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। विभागाध्यक्ष नीलम रानी ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजिका सुमन कुमारी, सह-संयोजिकाओं पूजा बराड़ एवं मीनाक्षी अरोड़ा तथा प्रतीक सिंह और डॉ. साक्षी शर्मा ने योगदान दिया। अंत में धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विभागों के शिक्षक एवं गैर-शिक्षक कर्मचारी उपस्थित रहे।