पक्षियों की पहचान करने और ई-बर्ड प्लेटफॉर्म पर उनके डेटा को दर्ज करने के तकनीकी पहलुओं के बारे में बताया

 
Mahendra india news, new delhi 

  चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा, के प्राणीशास्त्र विज्ञान विभाग ने बर्ड काउंट इंडिया और ई-बर्ड इंडिया (Bird Count India & Ebird India) के सहयोग से अपने दूसरे कैंपस बर्ड काउंट (Campus Bird Count) का सफल आयोजन किया।

यह पहल परिसर में पक्षियों की विविधता को समझने और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए की गई। इस महत्वपूर्ण गतिविधि को विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार और विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर जोगिंदर सिंह दुहान के मार्गदर्शन व समर्थन से आयोजित किया गया, जिनके सक्रिय सहयोग के लिए विभाग ने उनका आभार व्यक्त किया।


कार्यक्रम के दौरान विभाग के फैकल्टी सदस्य डॉ. हरकृष्ण कंबोज, सुखमीत सिंह और मिस निष्ठा भारती ने विशेष रूप से भाग लिया और छात्रों को बर्ड वाचिंग (पक्षियों को निहारने), बर्डिंग गतिविधियों और नागरिक विज्ञान पहल के बारे में प्रशिक्षित किया। उन्होंने छात्रों को पक्षियों की पहचान करने और ई-बर्ड प्लेटफॉर्म पर उनके डेटा को दर्ज करने के तकनीकी पहलुओं के बारे में भी बताया।

छात्रों ने कैंपस के विभिन्न हिस्सों में पक्षियों की प्रजातियों को रिकॉर्ड किया। इस आयोजन के दौरान सीडीएलयू परिसर के अंदर पक्षियों की लगभग 40 विभिन्न प्रजातियों की पहचान की गई।


इस आयोजन का उद्देश्य विश्वविद्यालय परिसर की जैव विविधता का सर्वेक्षण करना और एक नागरिक वैज्ञानिक (Citizen Scientist) के रूप में पक्षियों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाना है। इस अवसर पर डॉ. कंबोज ने बताया कि सीडीएलयू परिसर में लगभग 83 विभिन्न पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं जिनमें से कई दुर्लभ और प्रवासी पक्षी हैं। यह समृद्ध पक्षी विविधता परिसर के हरे-भरे और शोर-मुक्त वातावरण को दर्शाती है।