साइबर सुरक्षा: जागरूकता, चुनौतियाँ और सुरक्षित डिजिटल प्रथाएँ विषय पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन

 

mahendra india news, new delhi
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी, मनोविज्ञान तथा फार्मेसी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में साइबर सुरक्षा: जागरूकता, चुनौतियाँ और सुरक्षित डिजिटल प्रथाएँ विषय पर विस्तार व्याख्यान का आयोजन किया गया।


इस अवसर पर कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर विक्रम सिंह ने बतौर मुख्य वक्ता बोलते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल जीवन को सुरक्षित रखने के लिए साइबर सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांतों को समझना और उन्हें व्यवहार में लाना समय की मांग है।


उन्होंने साइबर सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मैलवेयर और वायरस जैसे सॉफ्टवेयर कंप्यूटर व मोबाइल उपकरणों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, फ़िशिंग जैसे साइबर हमलों के माध्यम से अपराधी व्यक्तिगत एवं गोपनीय जानकारी प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। कमजोर पासवर्ड का प्रयोग भी ऑनलाइन खातों को जोखिम में डाल देता है।
प्रोफेसर सिंह ने सुरक्षित डिजिटल प्रथाओं को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड का उपयोग, दो-कारक प्रमाणीकरण को सक्षम करना तथा संदिग्ध या अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास एवं नवीनतम खतरों तथा सुरक्षा उपायों की जानकारी रखना अनिवार्य है। इस अवसर पर उन्होंने अपने तीन दशक से अधिक के अनुभव साझा किए तथा साइबर अपराधों से संबंधित भारतीय कानून प्रणाली पर भी विस्तार से चर्चा की।
मुख्य वक्ता का स्वागत फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की डॉ संजू बाला तथा धन्यवाद वनस्पति विज्ञान विभाग की डॉ. ज्योति ने किया। इस अवसर पर डीन अकादमिक अफेयर्स प्रोफेसर सुशील, डॉ. ज्योति, डॉ. विकास, डॉ. बृजलाल, डॉ. किरण, समृद्धि, मीनू, काजल सहित फार्मेसी विभाग के सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।