मुलहटी की खेती से किसान हो सकते हैं लखपति, हरियाणा मुलहटी नंबर एक किस्म की करें बिजाई
mahendra india news, new delhi
हरियाणा प्रदेश के अंदर मुलहटी यानि ग्लैसिराइजा ग्लैबरा की खेती कर सकते हैं। यह एक बहुवर्षीय औषध फसल है। इसकी जड़ आयुर्वेदिक यूनानी और ऐलोपैथिक दवाइयां बनाने में प्रयोग होती है और विशेषतौर पर इसमें खांसी दूर करनेकी दवाई बनाई जाती है। इसके कई अन्य उपयोग भी हैं, अभी भी यह दूसरे देशों से आयात की जाती है। इसकी अच्छी फसल लेने के लिए नीचे पूरी जानकारी दी गई है।
हरियाणा मुलहटी नंबर वन जिसे चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा विकसित किया गया है। औषधीय गुणों से भरपूर मुलेठी की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है, जिससे इसकी खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है। मुलहटी की खेती के बारे में पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
लखपति बनने का मौका
मुलेठी एक औषधीय फसल है, इसलिए इसकी मुख्य खरीदार बड़ी-बड़ी आयुर्वेदिक और फार्मास्युटिकल कंपनियां जैसे डाबर, पतंजलि, झंडू, बैद्यनाथ और हमदर्द हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत की काफी मुलेठी बाहर से आयात करता है, इसलिए स्थानीय स्तर पर इसकी खेती करने वाले किसानों को इसके अच्छे दाम मिलते हैं और वे एक ही फसल से लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं।