HARYANA में हानिकारक कीटों पर नियंत्रण के लिए आधुनिक संसाधनों को अपनाएं किसान, सरकार दे रही 75 प्रतिशत तक अनुदान

 

Mahendra india news, new delhi
फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट नियंत्रण के आधुनिक साधनों को अपनाने के लिए उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत अनुदान दिया जा रहा है। विभाग द्वारा एकीकृत कीट प्रबंधन योजना के तहत किसानों को विभिन्न उपकरणों एवं तकनीकों पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।


योजना के अंतर्गत सोलर पावर एलईडी लाइट ट्रैप (नॉन आईसीएआर) पर प्रति इकाई 4,000 रुपये लागत के मुकाबले 3,000 रुपये अनुदान दिया जाएगा, जबकि आईसीएआर प्रकार के ट्रैप पर 8,400 रुपये की लागत पर 6,300 रुपये की सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। इसी प्रकार सोलर पावर एआई ट्रैप्स के लिए भी 75 प्रतिशत की दर से अनुदान दिया जाएगा।


फेरोमोन ट्रैप, जो फसल के आकार के अनुसार उपयोग किए जाते हैं, पर प्रति एकड़ 432 रुपये लागत के मुकाबले 324 रुपये अनुदान निर्धारित किया गया है। इसके अलावा ल्यूअर (टाइप-1 व टाइप-2) पर भी क्रमश: 800 रुपये व 1,760 रुपये प्रति एकड़ लागत पर 600 रुपये और 1,320 रुपये तक की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा स्टीकी ट्रैप पर भी किसानों को राहत देते हुए 384 रुपये प्रति एकड़ लागत पर 288 रुपये अनुदान दिया जाएगा। इन सभी योजनाओं के अंतर्गत अधिकतम सीमा 4 एकड़ तक निर्धारित की गई है।


जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देना है। इससे किसानों की लागत में कमी आएगी और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। उन्होंने जिला के किसानों से अपील की है कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं और अपनी आय में वृद्धि करें।