सिरसा के किसानों को नहीं मिल रहा है हक का पानी, 3 नवंबर को फतेहाबाद में किसानों का धरना, संयुक्त किसान संगठन ने गांवों में किया जनसंपर्क

 

mahendra india news, new delhi
नहरों और माइनरों में पानी की बाराबंदी के विरोध में संयुक्त किसान संगठन ने रविवार को नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर किसानों को 3 नवंबर को फतेहाबाद के लघु सचिवालय में होने वाले धरना-प्रदर्शन में पहुंचने का निमंत्रण दिया गया। इस दौरान किसानों ने गांव हंजीरा, रामपुरा ढिल्लो, जोड़कियां, कुताना, जमाल, बरासरी, ढूकड़ा, गुडिया खेड़ा, बकरियांवाली, धिंगतानियां, निर्बाण, रूपावास, रायपुर व लुदेसर में निमंत्रण दिया। 

गांवों में किसानों को संबोधित करते हुए किसान नेता रणधीर जोधकां, समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा, संदीप कासनियंा, रोहताश पूनिया, वेद सहारण, हरी सिंह मंडा, अशोक पूनियां ने कहा कि किसानों को हक का पानी नहीं मिल रहा है। जिसको लेकर अब किसान एकजुट होंगे। नहरों व माइनरों में 16 दिन पानी बंद रहने के बाद केवल 8 दिन पानी छोड़े जाने का कार्यक्रम किसानों के लिए परेशानी का कारण बनेगा। इस व्यवस्था के चलते किसानों को पानी की अगली बारी के लिए करीब 40 दिन इंतजार करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि इतने लंबे अंतराल के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाएगा। इसके साथ ही ग्रामीणों के सामने पीने के पानी की समस्या भी खड़ी हो सकती है। इससे किसानों और आम ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

3 नवंबर को फतेहाबाद में होगा रोष प्रदर्शन
किसान नेताओं ने कहा कि नहरों में पानी की इस बाराबंदी के खिलाफ 3 नवंबर को फतेहाबाद स्थित लघु सचिवालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने हकों की आवाज बुलंद करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शन में शामिल हों।