गांव लुदेसर में सेमग्रस्त क्षेत्र में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत बंद पड़े ट्यूबवेलों की किसानों ने की जांच की मांग, डीसी को सौंपा ज्ञापन
नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव लुदेसर में सेमग्रस्त क्षेत्र के गांवों में वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट के तहत बंद पड़े ट्यूबवेलों की किसानों ने जांच की मांग की है। जिसको लेकर किसानों ने सिरसा के जिलाा उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इनमेें घोटाला किया गया है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
गांव निवासी सुभाष, पंच राजेश, ब्रजलाल, सुधीर कुमार, संतलाल, छोटू राम व अन्य ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त को बताया कि सेम की समस्या हल करने के लिए ट्यूबवेलों लगाए गये थे। इनमें एक दो को छोडक़र बाकी के काम नहीं कर रहे हैं। इनकी कई जगह से पाइप लाइन भी लीक है। जो उपजाऊ जमीन को खराब कर रही है।
इसी के साथ ही एक एक आठ इंची पाइप लाइन में तीन से लेकर पांच ट्यूबवेलों को जोड़ा हुआ है। जो साइज छोटा होने के कारण पानी नहीं निकाल रहे हैं। वह जगह वरूवाली व नोहर फीडर से करीबन 20 फीट नीचे और तीन पाइप लाइन इन दोनों के ऊपर से गुजर रही है। इतनी चढ़ाई में सोलर पंप पानी पंप नहीं कर पाते हैं। इससे पीछे की लाइन लीक हो जाती है। ट्यूबवेलों को लगाने में अनिमितताएं बरती गई है।
इनको लगाते समय ठेकेदार और एआई ने बहुत बड़ा घोटाला किया गया है। सहायक भूमि संरक्षण विभाग सिरसा के भ्रष्ट कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ आवाज उठाई थी। क्योंकि क्षेत्र में लगाए गये सभी ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। जबकि मानसून का सीजन सिर पर है। उन्होंने कहा कि वर्टिकल ड्रेनेज प्रोजेक्ट में करोडों रुपये का बजट खर्च हुआ है। इसकी गहनता से जांच करवाई जाए।