गर्मी के मौसम में किसान मूंग और लोबिया की करें खेती, कम लागत में मिलेगा अधिक मुनाफा, बस रखें यह ध्यान

 
mahendra india news, new delhi

मौसम में पिछले कई दिनों से बदलाव देखने को मिल रहा है। कई जगह पर बरसात हो रही है। कुछ ही दिनों के बाद तापमान बढऩे से गर्मी अपने दिखाने शुरू कर देगी। इस गर्मी में किसानों के सामने पानी की कमी और बढ़ती लागत बड़ी चुनौती बन जाती है।


किसान भाई अगर ऐसे में मूंग और लोबिया जैसी दलहनी फसलें बेहतर विकल्प बनकर उभर रही हैं, यह फसलें कम पानी, कम वक्त और कम लागत में अच्छी पैदावार देती हैं, कृषि वैज्ञानिक डा. देवेंद्र सिंह ने बताया कि मूंग 60 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है, जबकि लोबिया भी गर्मी सहन करने में सक्षम है, बाजार में इनकी मांग लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है और खेती का जोखिम भी कम हो जाता है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही खेती का पूरा चक्र बदल जाता है और किसानों को अपनी फसलों का चयन मौसम के अनुसार करना पड़ता है।


किसानों के लिए मूंग और चवला (लोबिया) जैसी दलहनी फसलें इस समय किसानों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रही हैं, जो कम संसाधनों में अच्छी पैदावार देने के लिए जानी जाती हैं.


इस प्रकार से चवला यानी लोबिया की खेती भी किसानों के लिए एक अच्छा विकल्प बनकर सामने आ रही है. चवला की खासियत यह है कि इसे दाल और हरी सब्जी दोनों रूपों में प्रयोग किया जाता है, इससे इसकी बाजार में मांग लगातार बनी रहती है, यह फसल भी कम पानी में आसानी से उगाई जा सकती है और तेज गर्मी को सहन करने की क्षमता रखती है, लोबिया की खेती से किसानों को कम लागत में अच्छा मुनाफा मिल सकता है, इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और खेती का खर्च भी आसानी से निकल आता है.