किसान गुलाबी सुंडी से बचाव के लिए करें यह काम, सीआईसीआर के वैज्ञानिकों ने ए.आई. स्मार्ट फेरोमोन ट्रैप" पायलट प्रोजेक्ट के तहत किसानों को दिए ये सुझाव

 
mahendra india news, new delhi 

केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान (CICR), क्षेत्रीय केंद्र, सिरसा द्वारा गांव खारिया में "A.I. स्मार्ट फेरोमोन ट्रैप" पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत नरमा-कपास की फसल में गुलाबी सुंडी के नियंत्रण विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक किसानों व प्रतिभागियों ने भाग लिया।


प्रशिक्षण के दौरान डॉ. अमरप्रीत सिंह ने बीटी नरमा के उपयुक्त हाइब्रिड के चयन, कपास फसल में लगने वाले कीटों एवं रोगों की पहचान, खरपतवार प्रबंधन तथा पोषक तत्वों की कमी के लक्षणों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने फसल प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों और बेहतर कृषि पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला।


डॉ. अमरप्रीत सिंह ने विशेष रूप से गुलाबी सुंडी के गैर-मौसमी नियंत्रण पर जोर देते हुए नरमा-कपास की फसल के अवशेषों के उचित निपटान तथा टिंडों में छिपी सुंडी की पहचान और नियंत्रण के उपाय बताए। उन्होंने किसानों को फसल में गुलाबी सुंडी की निगरानी के लिए प्रति एकड़ दो फेरोमोन ट्रैप लगाने की सलाह दी तथा विभिन्न कीटनाशकों के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को नई तकनीकों का अवलोकन कराया गया, जिससे वे कपास फसल में कीट, रोग एवं खरपतवारों को बेहतर तरीके से समझ सकें और अधिक उत्पादन के लिए उचित कृषि निर्णय ले सकें।


इस अवसर पर संजीव कुमार ने किसानों को गुलाबी सुंडी की पहचान करने, फेरोमोन ट्रैप लगाने की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन किया तथा ए.आई. स्मार्ट फेरोमोन ट्रैप के उपयोग और उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।